हनुमान सेतु के पास बनेगी आधुनिक लाइब्रेरी
लखनऊ, संवाददाता: राजधानी लखनऊ के सुनियोजित और आधुनिक विकास को नई गति देने के लिए लखनऊ विकास प्राधिकरण (एलडीए) ने बड़ा कदम उठाया है। केंद्र सरकार के अर्बन चैलेंज फंड के तहत शहर की पांच महत्वाकांक्षी परियोजनाओं के लिए वित्तीय सहायता की प्रक्रिया तेज कर दी गई है। एलडीए उपाध्यक्ष प्रथमेश कुमार ने दिल्ली से आई यूसीएफ की विशेषज्ञ टीम के साथ बैठक कर परियोजनाओं का विस्तृत प्रस्तुतीकरण किया और इनके शीघ्र क्रियान्वयन पर चर्चा की।
बैठक में आधुनिक आवास, यातायात, पार्किंग, शिक्षा और शहरी आधारभूत ढांचे से जुड़ी पांच प्रमुख परियोजनाओं पर विस्तार से मंथन हुआ। एलडीए ने इन सभी योजनाओं के लिए यूसीएफ से 25 प्रतिशत तक पूंजीगत अनुदान का अनुरोध किया है।
वरुण विहार बनेगा नया आधुनिक आवासीय क्षेत्र
एलडीए की सबसे बड़ी परियोजना वरुण विहार आवासीय योजना रही। पहले चरण में करीब 1,000 करोड़ रुपये की लागत से सड़क, सीवर, पेयजल, विद्युत, हरित क्षेत्र और अन्य नागरिक सुविधाओं का विकास किया जाएगा। परियोजना के लिए यूसीएफ से 25 प्रतिशत वित्तीय सहयोग मांगा गया है। राजधानी में बढ़ते ट्रैफिक को देखते हुए 1090 चौराहे से बैकुंठ धाम होते हुए लामार्टीनियर ग्राउंड तक 2.3 किलोमीटर लंबे फ्लाईओवर का प्रस्ताव रखा गया है। लगभग 330 करोड़ रुपये की इस परियोजना से गोमती नगर, हजरतगंज और आसपास के क्षेत्रों में जाम से राहत मिलने की उम्मीद है। इससे करीब 10 लाख लोगों को सीधा लाभ मिलेगा।
पत्रकारपुरम में बनेगी मल्टीलेवल पार्किंग
गोमती नगर क्षेत्र में पार्किंग की समस्या के समाधान के लिए पत्रकारपुरम में 30 करोड़ रुपये की लागत से आधुनिक मल्टीलेवल पार्किंग बनाने की योजना भी यूसीएफ के समक्ष प्रस्तुत की गई। इसके बनने से व्यावसायिक क्षेत्रों में यातायात व्यवस्था और अधिक सुगम होगी। एलडीए ने हनुमान सेतु के निकट 58.78 करोड़ रुपये की लागत से अत्याधुनिक बहुमंजिला सार्वजनिक लाइब्रेरी बनाने का प्रस्ताव भी रखा है। इसमें डिजिटल लाइब्रेरी, ई-रीडिंग सुविधा, शोध कक्ष और आधुनिक रीडिंग हॉल विकसित किए जाएंगे, जिससे विद्यार्थियों और शोधार्थियों को बड़ा लाभ मिलेगा।
कैलाश कुंज कॉम्प्लेक्स का होगा पुनर्विकास
करीब 195 करोड़ रुपये की लागत से कैलाश कुंज कॉम्प्लेक्स के पुनर्विकास की योजना भी प्रस्तावित की गई है। परियोजना के तहत आधुनिक भवन, बेहतर सार्वजनिक सुविधाएं और उन्नत आधारभूत ढांचा विकसित किया जाएगा। एलडीए मुख्यालय के पारिजात सभागार में आयोजित बैठक में यूसीएफ विशेषज्ञों ने सभी परियोजनाओं की तकनीकी व्यवहार्यता, वित्तीय मॉडल, सामाजिक प्रभाव और दीर्घकालिक उपयोगिता की समीक्षा की। विशेषज्ञों ने कई सुझाव भी दिए, जिनके आधार पर योजनाओं को और प्रभावी बनाया जाएगा।
शहर के विकास को मिलेगी नई दिशा
एलडीए का मानना है कि इन परियोजनाओं के पूरा होने के बाद लखनऊ की आधारभूत संरचना मजबूत होगी और शहर को आधुनिक आवास, बेहतर यातायात, पार्किंग और विश्वस्तरीय शैक्षणिक सुविधाओं का लाभ मिलेगा। एलडीए उपाध्यक्ष प्रथमेश कुमार ने कहा कि प्राधिकरण का उद्देश्य केवल निर्माण कार्य कराना नहीं, बल्कि ऐसी टिकाऊ शहरी परियोजनाएं विकसित करना है जो आने वाले वर्षों में नागरिकों की जरूरतों को पूरा कर सकें। उन्होंने विश्वास जताया कि यूसीएफ से वित्तीय सहायता मिलने के बाद इन योजनाओं पर तेजी से काम शुरू किया जाएगा।
























