अलीगंज अग्निकांड का आरोपित पांच घंटे रहा भर्ती, रिपोर्ट आई नॉर्मल
संवाददाता, लखनऊ : अलीगंज के अग्निकांड में कई जिंदगियों को मौत के मुंह में धकेलने वाले आरोपी और बिल्डिंग मालिक वीरेंद्र शुक्ला ने मंगलवार को जेल जाने से पहले दिल की बीमारी का बहाना बनाया। पुलिस उसे लारी (कार्डियोलॉजी विभाग) लेकर पहुंची। जांच रिपोर्ट में बीमारी का नाटक सामने आ गया।
सूत्रों से मिली पुख्ता जानकारी के मुताबिक, आरोपी वीरेंद्र शुक्ला को लारी में पांच घंटे रखने के बाद अन्य आरोपियों के साथ न्यायालय (कोर्ट) में पेश किया गया, जहां से उन्हें न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया है। लारी में वीरेंद्र ने जेल जाने से पहले अपने वकीलों के साथ मिलकर जमानत पर छूटने का हर वो हथकंडा अपनाया, जो रिहाई की ओर ले जाए। रिपोर्ट नॉर्मल आने से यह साफ हो गया है कि यह केवल कानूनी कार्रवाई में देरी करने और सहानुभूति बटोरने का एक सोचा-समझा पैंतरा था।

चाय-पानी का दौर और ‘बचाओ’ की गुहार
अस्पताल के भीतर का जो नजारा सामने आया है, वह हैरान करने वाला है। जिस आरोपी की लापरवाही ने पूरे शहर को झकझोर कर रख दिया, वह अस्पताल के बेड पर बैठकर आराम से चाय की चुस्कियां ले रहा था और खाना खा रहा था। इतना ही नहीं, डॉक्टरों और पुलिस की आंखों में धूल झोंकने की कोशिश कर रहा वीरेंद्र शुक्ला अस्पताल में आने-जाने वाले अपने करीबियों से लगातार बातचीत कर रहा था। सूत्रों के अनुसार, इस दौरान उसके चेहरे पर हादसे का कोई पछतावा नहीं था, बल्कि वह लगातार लोगों से मिन्नतें करता रहा और कहता रहा ”हमें किसी भी तरीके से इस पूरे मामले से बचाओ… कैसे भी करके मुझे यहाँ से निकालो।”
बिल्डिंग पर जल्द चलेगा बुलडोज़र
पुलिस सूत्रों ने दावा किया है कि मालिक वीरेंद्र शुक्ला की अवैध बिल्डिंगों पर जल्द ही बुलडोज़ एक्शन होगा। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए बिल्डिंग मालिक वीरेंद्र शुक्ला, कोचिंग (एनिमेशन ट्रेनिंग स्टूडियो) के संचालक तुषांक कृष्णा जायसवाल और पेट शॉप के मालिक रामकृष्ण उपाध्याय समेत चार आरोपितों को गिरफ्तार किया। पुलिस ने कानूनी प्रक्रिया पूरी करने के बाद आरोपियों को कोर्ट में पेश किया, जहां से कोर्ट ने उन्हें न्यायिक हिरासत के तहत जेल भेज दिया है।
क्या हुआ था
सोमवार को अलीगंज स्थित इस तीन मंजिला कमर्शियल बिल्डिंग में भीषण आग लग गई थी। आग ग्राउंड फ्लोर पर स्थित पेट शॉप/एसी में शॉर्ट सर्किट से शुरू हुई और तेजी से फैल गई। इस हादसे में 15 लोगों की जान चली गई, जिनमें ज्यादातर 20 से 24 वर्ष के युवा छात्र थे जो ऊपर एनीमेशन और गेमिंग सेंटर में पढ़ाई कर रहे थे। जहरीले धुएं और दम घुटने के कारण कई छात्र फंस गए थे। कई घायलों का इलाज अभी भी ट्रॉमा सेंटर में चल रहा है।
पुलिस हिरासत और कानूनी कार्रवाई:
वीरेंद्र शुक्ला को पुलिस ने पहले ही गिरफ्तार कर लिया था। ताजा अपडेट के अनुसार, वीरेंद्र शुक्ला, कोचिंग (एनिमेशन स्टूडियो) संचालक तुषांक कृष्णा जायसवाल और पेट शॉप मालिक रामकृष्ण उपाध्याय को पुलिस हिरासत में लेकर पूछताछ तेज कर दी गई है। इस पूरे मामले में कुल 6 लोगों पर एफआईआर दर्ज है, जिनमें से वीरेंद्र शुक्ला समेत मुख्य आरोपियों पर शिकंजा कसा जा चुका है।























