लखनऊ, संवाददाता: भारतीय स्वतंत्रता संग्राम के इतिहास में स्वर्णिम अक्षरों में दर्ज ‘काकोरी ट्रेन एक्शन’ की 101 वीं वर्षगांठ पर रविवार को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि अमर क्रांतिकारियों पंडित राम प्रसाद बिस्मिल, अशफाकउल्ला खान, ठाकुर रोशन सिंह और राजेंद्रनाथ लाहिड़ी के अदम्य साहस को नमन है।
उन्होंने कहा कि 9 अगस्त 1925 की वह घटना कोई साधारण डकैती नहीं थी, बल्कि विदेशी हुकूमत की चूलें हिला देने वाला एक महान क्रांतिकारी कदम था। सीएम ने इस बात पर जोर देते हुए कहा कि आज की युवा पीढ़ी को यह जानना आवश्यक है कि देश को आजादी कितनी कुर्बानियों के बाद मिली है।
मुख्यमंत्री ने अपने कड़े और स्पष्ट संदेश में कहा कि भारत में रहकर यहां के राष्ट्रीय प्रतीकों, राष्ट्रगान, राष्ट्रगीत और राष्ट्रनायकों का अपमान करने वालों को किसी भी स्थिति में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने प्रदेश की सभी शिक्षण संस्थाओं और सरकारी कार्यालयों में राष्ट्रीय गौरव से जुड़े आयोजनों को बढ़ावा देने तथा ‘वंदे मातरम्’ के गान को प्राथमिकता देने की बात दोहराई। साथ ही, आगामी स्वतंत्रता दिवस के मद्देनजर ‘हर घर तिरंगा’ अभियान को जन-जन तक पहुंचाने का आह्वान किया।
इस भव्य आयोजन से पूरे प्रदेश में देशभक्ति की लहर दौड़ गई है। जगह-जगह तिरंगा रैलियां निकाली जा रही हैं और स्वतंत्रता सेनानियों के बलिदान को याद किया जा रहा है। सरकार के इन प्रयासों का मुख्य उद्देश्य नई पीढ़ी को राष्ट्रवाद की भावना से ओत-प्रोत करना और देश की प्राथमिकताओं को सर्वोपरि रखना है।
ऐतिहासिक तिरंगा यात्रा का मुख्यमंत्री ने किया नेतृत्व
‘काकोरी ट्रेन एक्शन’ की 101 वीं वर्षगांठ पर उत्तर प्रदेश में अत्यंत भव्य और देशभक्ति के माहौल के साथ मनाई गई। इस अवसर पर राजधानी लखनऊ में एक विशाल और ऐतिहासिक तिरंगा यात्रा निकाली गई, जिसका नेतृत्व स्वयं मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने किया। मुख्यमंत्री आवास से शुरू हुई यह यात्रा विधान भवन परिसर तक पहुंची, जिसमें हजारों की संख्या में युवाओं, छात्र-छात्राओं और नागरिकों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। इसी जनसमूह को मुख्यमंत्री ने संबोधित किया।




















