संवाददाता, लखनऊ: नेपाल में बुधवार का दिन लोगों के लिए काल बनकर आया। कोशी नदी में अचानक आई बाढ़ और भूस्खलन ने लोगों को संभलने मौका तक न दिया। एक एजेंसी की रिपोर्ट के मुताबिक महाजल प्रलय में करीब 500 लोग लापता हो गए। इनमें 105 भारतीय भी शामिल हैं।
95 लोगों के शव बरामद होने की बात कही जा रही है। नदी में आई तीव्र बाढ़ की वजहों को लेकर वैज्ञानिकों और मौसम विभाग के शुरुआती आंकलन मुख्य रूप से तिब्बत में हुए हिमस्खलन और हिमताल (ग्लेसियल लेक) में हुए धमाके की ओर इशारा कर रहा है। काठमांडू विश्वविद्यालय के प्रोफेसर और जलवायु शोधकर्ता रिजनभक्त कायस्थ ने नेपाली वेबसाइट- ‘कांतीपुर’ को चीन के वैज्ञानिकों से हुई प्रारंभिक चर्चा और निष्कर्षों के आधार पर इस बाढ़ की वजह बताई।
इस बड़ी त्रासदी में कैलाश मानसरोवर यात्रा पर गए कई लोग भी संपर्क से बाहर हैं। भारत ने राहत सामग्री भेजने और बचाव दल तैनात करने की तैयारी की है। अचानक आई महाप्रलय में रासुवा जिले के रसुवागढ़ी-टिमुरे इलाके में करीब सुबह नौ बजे बाढ़ का पानी तेजी से बढ़ा। इसके बाद रासुवा के साथ नुवाकोट और धादिंग के कई इलाकों में भी इसका असर दिखा। कई सड़कें, पुल, वाहन और दूसरी जरूरी सुविधाएं पानी में बह गईं।
390 कैलाश मानसरोवर तीर्थयात्री सीमा पार करने की तैयारी में थे
काठमांडो की टच कैलाश ट्रैवल्स एंड टूर्स के अनुसार 390 कैलाश मानसरोवर तीर्थयात्रियों को बुधवार को सीमा पार करनी थी, जिनमें 93 नेपाली थे। बाढ़ के बाद कई यात्रियों से संपर्क नहीं हो सका। ट्रेकिंग एजेंसियों के प्रतिनिधि और स्थानीय अधिकारी यात्रियों से संपर्क साधकर उनकी स्थिति का पता लगाने में लगे हैं।
291 विदेशी नागरिक, 93 नेपाली भी शामिल
नेपाल पर्यटन बोर्ड की प्रारंभिक सूची के अनुसार 291 विदेशी नागरिक, 93 नेपाली नागरिक हैं और 37 एनआरआई शामिल हैं। अमेरिका, मलयेशिया, ब्रिटेन, दक्षिण अफ्रीका, ऑस्ट्रेलिया और नीदरलैंड के नागरिक भी सूची में हैं। कुछ लोगों की राष्ट्रीयता अभी स्पष्ट नहीं हुई है। बोर्ड ने कहा है कि यह शुरुआती सूची है और एजेंसियों, स्थानीय प्रशासन तथा सुरक्षा एजेंसियों के साथ मिलकर इसका सत्यापन किया जा रहा है। इन आंकड़ों में वृद्धि हो सकती है।
नरेंद्र मोदी ने नेपाल के पीएम से की बात
नेपाल के प्रधानमंत्री बालेंद्र शाह से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बात की और बाढ़ में हुई मौतों पर संवेदना जताई। हर संभव मानवीय सहायता देने की बात कही। भारत सरकार ने वायुसेना के भारतीय विमानों से राहत सामग्री भी नेपाल भेजना शुरू कर दिया है। भारत सरकार नेपाल में बचाव और राहत अभियान के लिए राष्ट्रीय आपदा मोचन बल के दल भेजने की भी तैयारी कर रही है।
बिहार और उत्तर प्रदेश में भी अलर्ट घोषित
महाजल प्रलय का असर भारत तक पहुंचने की आशंका के कारण बिहार और उत्तर प्रदेश के कई जिलों में अलर्ट घोषित कर दिया गया है। विशेष सतर्कता बढ़ाने के साथ नेपाल की त्रिशूली नदी में पानी बढ़ने के बाद भारत ने संभावित बाढ़ को लेकर चेतावनी जारी की। आशंका है कि बाढ़ की लहर आगे चलकर गंडक नदी में पहुंच सकती है। बिहार और उत्तर प्रदेश के सीमावर्ती जिलों को निगरानी बढ़ाने और जरूरी तैयारी करने के निर्देश दिए गए हैं। गंडक बैराज के फाटकों को भी इस तरह संचालित करने की सलाह दी गई है कि पानी सुरक्षित तरीके से निकल सकें।






















