संवाददाता, लखनऊ: देवीपाटन की मंडलायुक्त वरिष्ठ आईएएस दुर्गा शक्ति नागपाल की मुश्किलें कम होती नजर नहीं आ रही हैं। अब उनपर लंबित भूमि विवाद में गोंडा की सिविल जज शबीना खान को फोन करके प्रभावित करने का आरोप है। सिविल जज ने बताया था कि 15 जुलाई को मंडलायुक्त से फोन पर उनकी बात हुई थी। इस बातचीत से दुर्गा शक्ति नागपाल ने भी इंकार नहीं किया है।
इस मामले में इलाहाबाद हाई कोर्ट की लखनऊ पीठ के न्यायमूर्ति सैयद कमर हसन रिजवी ने कहा कि जज को फोन करना प्रथमदृष्टया न्यायपालिका की स्वतंत्रता पर सीधा हमला है, जो सीधे तौर से न्याय प्रशासन में बाधा पैदा करता है। उन्होंने वरिष्ठ आईएएस के खिलाफ मामले को आपराधिक अवमानना के तहत विचार करने की जरूरत बताई है। कोर्ट ने निर्देश दिया कि मुख्य न्यायाधीश या वरिष्ठ न्यायाधीश से आवश्यक दिशा निर्देश लेकर मामले को उपयुक्त अदालत के समक्ष रखा जाए। मामला देवीपाटन मंडल के आयुक्त के नाम दर्ज कई नजूल भूमि के टुकड़ों से संबंधित है। कोर्ट ने शुक्रवार को यह आदेश ज्योति विद्या मंदिर स्कूल और नगर पालिका परिषद गोंडा के बीच 1997 से लंबित मुकदमे के दूसरी अदालत में स्थानांतरण की याचिका पर सुनवाई के दौरान दिया। कोर्ट ने सुप्रीम कोर्ट के उस निर्णय का भी हवाला दिया, जिसमें न्यायिक कार्यवाही से जुड़े मामलों में न्यायाधीशों पर दबाव डालने को गंभीरता से लिया गया है। दुर्गाशक्ति नागपाल अपने फैसलों और विवादों के चलते मीडिया की भी सुर्खियों में रहती हैं।





















