कैल्शियम, विटामिन-डी और नियमित व्यायाम अपनाएं
लखनऊ, संवाददाता : 55 वर्ष की आयु के बाद महिलाओं के लिए हार्मोन थेरेपी (हार्मोन की गोलियां) नुकसानदायक साबित हो सकती है। विशेषज्ञों का कहना है कि इसका लाभ मुख्य रूप से 45 से 55 वर्ष की आयु के बीच ही मिलता है। इसके बजाय संतुलित आहार, रसोई में मौजूद जड़ी-बूटियों, मसालों और नियमित व्यायाम से मेनोपॉज़ के दौरान होने वाली कई समस्याओं को काफी हद तक नियंत्रित किया जा सकता है।
यह जानकारी शनिवार को केजीएमयू के प्रसूति एवं स्त्री रोग विभाग स्थित क्वीन मेरी में “मेनोपॉज़: द एजलेस केयर जर्नी” विषय पर आयोजित कार्यशाला में चिकित्सा विशेषज्ञों ने दी। कार्यवाहक विभागाध्यक्ष प्रो. रेखा सचान ने बताया कि लगातार 12 महीने तक मासिक धर्म (पीरियड्स) न आने की स्थिति को मेनोपॉज़ माना जाता है। उन्होंने महिलाओं को सलाह दी कि इस दौरान होने वाली परेशानियों के लिए केवल दवाओं पर निर्भर रहने के बजाय डॉक्टर की सलाह के साथ स्वस्थ जीवनशैली अपनाएं।
डॉ. मंजुलता वर्मा ने बताया कि मेनोपॉज़ के बाद महिलाओं में हड्डियों के कमजोर होने का खतरा बढ़ जाता है, जिसे ऑस्टियोपोरोसिस कहा जाता है। उन्होंने समय-समय पर डेक्सा स्कैन कराने की सलाह देते हुए कहा कि जोखिम कम होने पर प्रतिदिन 1200 मिलीग्राम कैल्शियम, विटामिन-डी और नियमित व्यायाम से हड्डियों को मजबूत रखा जा सकता है। डॉ. शालिनी सिंह ने बताया कि हार्मोन थेरेपी से हृदय को कुछ लाभ मिल सकते हैं, लेकिन यह लाभ सीमित आयु वर्ग में ही देखा गया है। वहीं, डॉ. सोनिया लूथरा और डॉ. वंदना ने महिलाओं से अपील की कि वे मेनोपॉज़ से जुड़े लक्षणों को नजरअंदाज या छिपाएं नहीं, बल्कि समय रहते विशेषज्ञ चिकित्सक से परामर्श लें ताकि उचित इलाज शुरू किया जा सके। कार्यशाला में राम मनोहर लोहिया आयुर्विज्ञान संस्थान और एचआईएमएस के 100 से अधिक डॉक्टरों और नर्सिंग कर्मियों ने भाग लिया।
मेनोपॉज़ के बाद दिख सकते हैं ये लक्षण
विशेषज्ञों के अनुसार, 45 से 50 वर्ष की आयु के बाद मासिक धर्म बंद होने के साथ महिलाओं के शरीर और मानसिक स्वास्थ्य में कई बदलाव आते हैं। लगातार थकान, चिड़चिड़ापन, अवसाद, रात में अत्यधिक पसीना आना और हड्डियों का कमजोर होना आम समस्याएं हैं। ऐसे में बिना चिकित्सकीय सलाह के हार्मोन थेरेपी लेना उचित नहीं है, विशेषकर 55 वर्ष की आयु के बाद, क्योंकि इससे स्वास्थ्य संबंधी जोखिम बढ़ सकते हैं।
























