कोषाध्यक्ष गोविंद देव गिरी की सफाई— ‘घटना से आहत हूं
अयोध्या, संवाददाता : राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले की जांच में पुलिस ने रविवार को बड़ा कदम उठाते हुए पांच आरोपियों से करीब पांच घंटे तक गहन पूछताछ की। पूछताछ के दौरान पुलिस को चोरी की रकम से बनाई गई कई संपत्तियों से जुड़ी अहम जानकारियां मिली हैं। अब जांच टीम इन संपत्तियों के दस्तावेजों और लेन-देन की विस्तृत जांच करेगी।
पूछताछ के दायरे में आए आरोपियों में अनुकल्प मिश्रा, लवकुश मिश्रा, रामशंकर यादव उर्फ टिन्नू, करुणेश पांडे और मनीष यादव शामिल हैं। पुलिस का कहना है कि पूछताछ में मिले इनपुट के आधार पर चोरी की रकम के इस्तेमाल और उससे अर्जित संपत्तियों की पड़ताल की जाएगी। जरूरत पड़ने पर आरोपियों को दोबारा पुलिस कस्टडी में लेकर पूछताछ भी की जा सकती है।
विशेष अदालत से मिली पूछताछ की अनुमति
मामले की जांच कर रहे अयोध्या के क्षेत्राधिकारी (सीओ) आशुतोष तिवारी ने भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के विशेष न्यायाधीश रजत वर्मा की अदालत में आरोपियों से पूछताछ की अनुमति के लिए अर्जी दाखिल की थी। इससे पहले पुलिस इस मामले में जेल में बंद आरोपी अविनाश से पूछताछ कर चुकी है और उसे पुलिस कस्टडी में लेकर भी पूछताछ की गई थी।
कोषाध्यक्ष गोविंद देव गिरी ने जारी की सफाई
इस बीच, राम मंदिर ट्रस्ट के कोषाध्यक्ष गोविंद देव गिरी महाराज ने चढ़ावा चोरी मामले पर लिखित सफाई जारी की है। उन्होंने कहा कि इस घटना से वह बेहद आहत, दुखी और लज्जित हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि उन्होंने अपने प्रवास या निजी खर्च के लिए न्यास से कभी एक रुपये का भी उपयोग नहीं किया। उनके अनुसार सभी खर्च सीधे बैंकिंग व्यवस्था के माध्यम से किए जाते थे। उन्होंने बताया कि वह कथा प्रवचनों के सिलसिले में अक्सर बाहर रहते थे, उनका स्थायी निवास पुणे में है और वह लगभग एक से डेढ़ महीने के अंतराल पर ही अयोध्या आते थे। पुलिस का कहना है कि मामले की जांच जारी है और पूछताछ में सामने आए तथ्यों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
























