आधुनिक सुविधाओं से सफर और इंतजार दोनों हुए सुहाने
लखनऊ, संवाददाता : ऐशबाग रेलवे स्टेशन का लुक अब पूरी तरह बदल चुका है। यहाँ पहुँचने वाले यात्री यहाँ की अत्याधुनिक विश्वस्तरीय सुविधायें देखकर दंग हैं। यात्रियों का कहना है कि “इसे स्टेशन नहीं बल्कि एयरपोर्ट बोलिये!” एक वक्त था जब स्टेशन पर ट्रेन का इंतजार करना यात्रियों के लिए काफी थकाऊ और उबाऊ हुआ करता था, लेकिन अब सुविधायें बढ़ने से सफर ही नहीं, बल्कि ट्रेन का इंतजार करना भी सुकून देने वाला अनुभव बन गया है।

अमृत भारत स्टेशन योजना का कमाल
यह सब कुछ भारत सरकार की एक बेहद खास पहल से संभव हो सका है। रेल मंत्रालय द्वारा शुरू की गई अमृत भारत स्टेशन योजना (ABSS) के तहत लखनऊ मंडल के ऐशबाग जंक्शन को पुनर्विकास के लिए चुना गया था। स्वीकृत बजट: ₹24.13 करोड़ लक्ष्य: स्टेशन को आधुनिक, सुरक्षित, सुविधाजनक और विश्वस्तरीय यात्री सुविधाओं से सुसज्जित करना।
स्टेशन पर क्या-क्या बदला
पूर्वोत्तर रेलवे, लखनऊ के जनसम्पर्क अधिकारी महेश गुप्ता ने बताया कि इस पुनर्विकास परियोजना के तहत स्टेशन परिसर का व्यापक विस्तार और सौंदर्यीकरण किया गया है: यातायात व्यवस्था को दुरुस्त करते हुए 5,500 वर्ग मीटर का उन्नत पार्किंग एरिया तैयार किया गया है। 4,300 वर्ग मीटर के सर्कुलेटिंग एरिया में खूबसूरत हरित पार्कों का विकास किया गया है। प्लेटफॉर्मों पर आधुनिक फर्श उच्च गुणवत्ता वाले शानदार शौचालय और यात्रियों के मार्गदर्शन के लिए मानकों के अनुरूप चमचमाती एलईडी साइनेज लगाई गई हैं। आवारा पशुओं को रोकने के लिए दोनों तरफ के प्रवेश द्वारों पर ‘काऊ कैचर’ लगाए गए हैं।

वरिष्ठ नागरिकों और दिव्यांगजनों के लिए विशेष सुविधा
प्रथम और द्वितीय प्रवेश द्वारों को आपस में जोड़ने के लिए 6 मीटर चौड़े नए फुट ओवर ब्रिज का निर्माण तेजी से किया जा रहा है। यात्रियों की सहूलियत के लिए इस FOB पर पर्याप्त संख्या में लिफ्ट और एस्केलेटर भी स्थापित किए जाएंगे, जिससे दिव्यांगजन, वरिष्ठ नागरिकों और सामान्य यात्रियों को आवागमन में कोई असुविधा न हो। रेल मंत्रालय के इस संजीदा प्रयास से ऐशबाग जंक्शन अब एक आकर्षक, आधुनिक और यात्री-अनुकूल हब के रूप में स्थापित हो चुका है। यह परियोजना यहाँ आने वाले हर मुसाफिर को सुरक्षित, सुगम और उत्कृष्ट यात्रा का अहसास करा रही है, जो आने वाले समय में इस पूरे क्षेत्र के समग्र विकास के लिए मील का पत्थर साबित होगी।
























