जवानों ने सीखे मानसिक दृढ़ता और तनाव मुक्ति के मंत्र
संवाददाता, अमेठी : त्रिसुण्डी स्थित केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल के प्रतिष्ठित प्रशिक्षण संस्थान में अमृता विश्व विद्यापीठम (अमृता विश्वविद्यालय) के स्वयंसेवियों द्वारा एक विशेष मेडिटेशन और तनाव प्रबंधन सत्र का सफलतापूर्वक शुभारंभ किया गया। इस सत्र में संस्थान के वरिष्ठ अधिकारियों, प्रशिक्षकों, जवानों और बड़ी संख्या में नवारक्षियों (नव-नियुक्त रंगरूटों) ने सक्रिय रूप से भाग लिया।


कठिन परिस्थितियों में मानसिक संतुलन और कार्यक्षमता बढ़ाना उद्देश्य
इस विशेष सत्र का मुख्य उद्देश्य निरंतर कठिन और चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों में देश की सेवा करने वाले सीआरपीएफ कर्मियों को मानसिक तनाव से मुक्ति दिलाना, उनकी कार्यक्षमता को बढ़ाना और उन्हें आंतरिक शांति प्रदान करना था। “देश की सुरक्षा में तैनात हमारे जवानों को शारीरिक मजबूती के साथ-साथ मानसिक रूप से भी सुदृढ़ होना अनिवार्य है। यह सत्र उनके मानसिक स्वास्थ्य को एक नई ऊर्जा प्रदान करेगा।” — डॉ. निशीत कुमार, पुलिस उपमहानिरीक्षक / प्राचार्य
क्या है ‘इंटीग्रेटेड अमृता मेडिटेशन’
अमृता विश्वविद्यालय के प्रमाणित प्रशिक्षकों द्वारा इस दौरान विशेष रूप से तैयार की गई ‘इंटीग्रेटेड अमृता मेडिटेशन’ (IAM Technique) का व्यावहारिक प्रशिक्षण दिया गया। यह तकनीक योग, श्वास नियंत्रण (प्राणायाम) और ध्यान का एक अनूठा समन्वय है। इसे विश्व प्रसिद्ध आध्यात्मिक गुरु माता अमृतानंदमयी देवी (अम्मा) के मार्गदर्शन में विशेष रूप से विकसित किया गया है। यह तकनीक कम समय में मानसिक एकाग्रता बढ़ाने और तनाव के स्तर को कम करने में अत्यधिक प्रभावी मानी जाती है।

भव्य उद्घाटन और गणमान्य अतिथियों की उपस्थिति
आज सुबह नवारक्षी प्रशिक्षण केंद्र अमेठी के नए पासिंग आउट परेड मैदान में इस सत्र का भव्य आयोजन किया गया। संस्थान के नए पुलिस उपमहानिरीक्षक / प्राचार्य डॉ. निशीत कुमार ने दीप प्रज्वलित कर सत्र का विधिवत उद्घाटन किया। इस अवसर पर उन्होंने मुख्य अतिथि श्री नरेन्द्र आनंद एवं श्रीमती श्वेता आनंद को स्मृति स्वरूप पौधा भेंट करके सम्मानित किया। कार्यक्रम में उपस्थित मुख्य अधिकारीगण: श्री पुष्कर सिंह (उप कमान्डेंट) श्री विनायक रंजन (सहायक कमान्डेंट) श्री चन्दन सिंह (सहायक कमान्डेंट) श्री राधेश्याम (सहायक कमान्डेंट) श्री सुनील कुमार (सहायक कमान्डेंट) इन सभी अधिकारियों ने जवानों के साथ खुद भी इस ध्यान सत्र में हिस्सा लिया और इसके महत्व को रेखांकित किया।
लगातार जारी रहेंगे ऐसे कार्यक्रम
संस्थान के उप कमान्डेंट श्री अरुण कुमार सिंह ने जानकारी देते हुए बताया कि यह एक त्रिदिवसीय सत्र है। उन्होंने कहा कि भविष्य में भी ऐसे कार्यक्रमों का आयोजन लगातार जारी रहेगा, जिससे खासकर हमारे नवारक्षियों (ट्रेनीज) की एकाग्रता, मानसिक संतुलन और मनोबल हमेशा ऊंचा बना रहे।






















