अतिरिक्त कोच और विशेष ट्रेन की उठी मांग
भोपाल, संवाददाता : सनातन धर्म की परम आस्था के प्रतीक ‘अमरनाथ यात्रा’ को लेकर देशभर के साथ-साथ मध्य प्रदेश के श्रद्धालुओं में भी अभूतपूर्व उत्साह देखा जा रहा है। भोपाल और आसपास के क्षेत्रों से यात्रा पर जाने वाले शिवभक्तों ने चिकित्सा प्रमाणपत्र से लेकर अग्रिम पंजीकरण तक की सभी अनिवार्य औपचारिकताएं पूरी कर ली हैं। परंतु, ऐन वक्त पर रेलगाड़ियों में लंबी प्रतीक्षा सूची ने यात्रियों की चिंताओं को अत्यधिक बढ़ा दिया है। दो-दो महीने पहले टिकट आरक्षित कराने के बावजूद बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के टिकट अब भी प्रतीक्षा सूची में ही अटके हुए हैं, जिससे जत्थों और परिवारों के साथ जाने वाले तीर्थयात्री असमंजस की स्थिति में हैं।
इस वर्ष यह पवित्र अमरनाथ यात्रा 3 जुलाई 2026 से प्रारंभ होकर 28 अगस्त 2026 (रक्षाबंधन) तक चलेगी। यात्रियों के जत्थों की रवानगी का सिलसिला रविवार और सोमवार से शुरू होने जा रहा है। राजधानी भोपाल सहित आसपास के जिलों से हर वर्ष दस हजार से अधिक श्रद्धालु इस दुर्गम यात्रा पर जाते हैं। इसके लिए अधिकांश यात्रियों ने ऑनलाइन और ऑफलाइन माध्यमों से अपना पंजीकरण करवा लिया है, जबकि कुछ श्रद्धालु जम्मू पहुँचकर तत्काल पंजीकरण खिड़की से अनुमति प्राप्त करेंगे। यात्रा शुरू होने में अब एक सप्ताह से भी कम समय शेष है, लेकिन टिकटों की स्थिति स्पष्ट न होने से भक्तों में भारी निराशा है।
भोपाल के मिनाल रेसीडेंसी निवासी श्रद्धालु मनीष पावसे ने अपनी व्यथा साझा करते हुए बताया: “हमने साठ दिन पहले आरक्षण खिड़की खुलते ही टिकट बुक करा ली थी, लेकिन स्थिति में कोई सुधार नहीं हुआ है। हमारी टिकट अब भी साठ प्रतीक्षा सूची पर टिकी हुई है। हमारे साथ परिवार के कई सदस्य और रिश्तेदार हैं, लेकिन किसी का भी टिकट पक्का नहीं हुआ है।”
विशेष ट्रेन की मांग
ओम शिव शक्ति सेवा मंडल के सचिव रिंकू भटेजा ने जानकारी दी कि उनके मंडल का पहला जत्था 29 जून को रवाना होने के लिए तैयार है, जिसमें 120 यात्री शामिल हैं। मंडल द्वारा इस वर्ष कुल 16 जत्थे भेजे जाएंगे, जिनमें से अंतिम जत्था 3 अगस्त को प्रस्थान करेगा। पहले ही जत्थे के कई यात्रियों के टिकट किसी भी श्रेणी में पक्के नहीं हो पाए हैं।
इस विकट समस्या को देखते हुए मंडल ने रेल मंत्रालय को इलेक्ट्रॉनिक मेल और सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ के माध्यम से संदेश भेजकर अमरनाथ यात्रियों के लिए विशेष ट्रेन चलाने तथा ‘मालवा एक्सप्रेस’ में अतिरिक्त कोच जोड़ने की पुरजोर मांग की है।
अमरनाथ यात्रा के दौरान बरतें ये विशेष सावधानियां
अमरनाथ यात्रा का मार्ग अत्यंत दुर्गम और चढ़ाई वाला है। यात्रा को सुगम और सुरक्षित बनाने के लिए विशेषज्ञों द्वारा निम्नलिखित महत्वपूर्ण परामर्श दिए गए हैं:
- पैदल चलते समय सावधानी: चढ़ाई के दौरान हमेशा छोटे-छोटे कदम उठाकर चलें। अकेले चलने की भूल कतई न करें, सदैव अपने समूह या जत्थे के साथ मिलकर ही आगे बढ़ें।
- संतुलित खान-पान: यात्रा मार्ग पर केवल सुपाच्य और हल्का भोजन ही ग्रहण करें, ताकि स्वास्थ्य संबंधी कोई समस्या उत्पन्न न हो।
- योग और प्राणायाम: यात्रा पर निकलने से पूर्व फेफड़ों की कार्यक्षमता बढ़ाने वाले प्राणायामों का नियमित अभ्यास अवश्य करें, जिससे कम ऑक्सीजन वाले क्षेत्रों में कठिनाई न हो।
- प्राथमिक चिकित्सा पेटी: अपने साथ अत्यंत आवश्यक दवाइयां, जीवन रक्षक घोल, कपूर और चिकित्सक द्वारा सुझाई गई आपातकालीन चिकित्सा पेटी अवश्य साथ रखें।
- परतों में वस्त्र धारण करें: पहाड़ी क्षेत्रों में मौसम पल-पल बदलता है। इसलिए एक भारी जैकेट ले जाने के बजाय गरम अंतःवस्त्र (थर्मल इनर), पूरी आस्तीन की कमीज और स्वेटर को परतों में पहनें।
- सुरक्षात्मक गियर की तैयारी: अच्छी गुणवत्ता का बरसाती कोट (रेनकोट) और जल-अवरोधक थैला (वाटरप्रूफ बैग कवर) साथ रखें। यात्रा के दौरान छाता ले जाने से बचें, क्योंकि इससे ट्रैकिंग के समय हाथ व्यस्त हो जाते हैं। पैरों की सुरक्षा के लिए मजबूत पकड़ वाले और पहले से उपयोग किए जा चुके ट्रेकिंग जूते ही पहनें।























