परीक्षा की संवेदनशीलता को देखते हुए प्रशासन ने किए सुरक्षा के व्यापक इंतजाम
लखनऊ, संवाददाता : उत्तर प्रदेश में आज से युवाओं की सबसे बड़ी प्रतियोगी परीक्षाओं में शामिल यूपी टीईटी (उत्तर प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा) 2026 का आगाज हो गया है। तीन दिनों तक चलने वाली यह परीक्षा 2, 3 और 4 जुलाई को राज्य के 60 जिलों के 955 परीक्षा केंद्रों पर आयोजित की जा रही है। इस दौरान करीब 20 लाख अभ्यर्थी अलग-अलग शिफ्टों में परीक्षा देंगे। परीक्षा की संवेदनशीलता को देखते हुए प्रशासन ने सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए हैं और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ स्वयं पूरी परीक्षा व्यवस्था की निगरानी कर रहे हैं।
हर गतिविधि पर नजर
परीक्षा को नकल और पेपर लीक जैसी घटनाओं से मुक्त रखने के लिए सभी परीक्षा केंद्रों पर पुलिस बल तैनात किया गया है। केंद्रों की निगरानी कैमरों के जरिए की जा रही है। अभ्यर्थियों की प्रवेश द्वार पर सघन जांच की जा रही है। परीक्षा केंद्र में केवल एडमिट कार्ड, वैध पहचान पत्र, तीन पासपोर्ट साइज फोटो, पेन और पेंसिल ले जाने की अनुमति है। मोबाइल फोन, स्मार्ट वॉच, ब्लूटूथ डिवाइस, डिजिटल घड़ी, गॉगल्स और अन्य इलेक्ट्रॉनिक उपकरण पूरी तरह प्रतिबंधित हैं। वहीं, पारदर्शी (ट्रांसपेरेंट) और बिना लेबल वाली सफेद पानी की बोतल ही केंद्र के अंदर ले जाने की अनुमति दी गई है। चूड़ी, अंगूठी और कड़े जैसे धातु के आभूषण भी प्रवेश से पहले उतरवाए जा रहे हैं।
कार्यरत शिक्षक भी परीक्षा में शामिल
इस बार यूपीटीईटी में करीब 20 लाख अभ्यर्थी शामिल हो रहे हैं। इनमें लगभग 1.75 लाख कार्यरत शिक्षक भी हैं। दरअसल, सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के अनुसार अब शिक्षक बनने के लिए टीईटी उत्तीर्ण करना अनिवार्य है। उत्तर प्रदेश में वर्ष 2010 से पहले नियुक्त ऐसे करीब पौने दो लाख शिक्षक हैं जिन्होंने अभी तक टीईटी पास नहीं किया है। उन्हें सेवा में बने रहने के लिए निर्धारित अवधि के भीतर यह परीक्षा उत्तीर्ण करनी होगी। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने हाल ही में उत्तर प्रदेश शिक्षा सेवा चयन आयोग (UPESSC) को निर्देश दिए हैं कि पहले से कार्यरत शिक्षकों को टीईटी उत्तीर्ण करने के पर्याप्त अवसर उपलब्ध कराए जाएं, ताकि किसी भी शिक्षक को अवसरों की कमी के कारण परेशानी का सामना न करना पड़े।
अभ्यर्थियों की उम्मीद— लीक न हो पेपर
परीक्षा केंद्रों पर पहुंचे अभ्यर्थियों ने सुरक्षा व्यवस्थाओं पर संतोष जताया। हालांकि उनका कहना है कि सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि परीक्षा पूरी तरह निष्पक्ष और पारदर्शी हो तथा किसी भी तरह की पेपर लीक की घटना न हो। अभ्यर्थियों का कहना है कि ऐसी घटनाएं उनकी महीनों की मेहनत पर पानी फेर देती हैं। परीक्षा की निष्पक्षता बनाए रखने के लिए प्रशासन और सरकार ने इस बार सुरक्षा व्यवस्था को पहले से अधिक सख्त बनाया है, ताकि सभी अभ्यर्थियों को समान और पारदर्शी माहौल में परीक्षा देने का अवसर मिल सके।























