प्रयागराज में ‘प्रेरणा स्थल’ का लोकार्पण और महापुरुषों की प्रतिमाओं का अनावरण
संवाददाता,प्रयागराज: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सोमवार को प्रयागराज में प्रेरणा स्थल का लोकार्पण किया और विभिन्न महापुरुषों की प्रतिमाओं का अनावरण किया। इस अवसर पर जनसभा को संबोधित करते हुए उन्होंने स्पष्ट किया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का मूल मंत्र “विकास के साथ विरासत का सम्मान” ही उत्तर प्रदेश सरकार की कार्यशैली का मुख्य आधार है।
“सियावर रामचंद्र की जय” के उद्घोष के साथ अपने संबोधन की शुरुआत करते हुए मुख्यमंत्री ने भगवान हनुमान, मां गंगा, मां सरस्वती, भगवान शिव और माता पार्वती का स्मरण किया।
डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी के संकल्पों को किया याद
मुख्यमंत्री ने कहा कि आज का दिन बेहद विशेष है क्योंकि देश महान शिक्षाविद, स्वतंत्रता सेनानी और भारतीय जनसंघ के संस्थापक डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी की 125वीं जयंती मना रहा है। डॉ. मुखर्जी ने “एक देश में दो विधान, दो निशान और दो प्रधान नहीं चलेंगे” का संकल्प लेकर राष्ट्रीय एकता के लिए अपना बलिदान दिया था। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में जम्मू-कश्मीर से अनुच्छेद 370 हटाकर उनके इस सपने को पूरी तरह साकार किया गया है। “जिन स्थानों का अतीत में दुरुपयोग होता था, वे अब समाज को सही दिशा और प्रेरणा देने वाले भव्य केंद्र के रूप में उभर रहे हैं। यह जनप्रतिनिधियों की एक सराहनीय पहल है।” — योगी आदित्यनाथ, मुख्यमंत्री (उ.प्र.)
अटल जी और अशोक सिंघल को दी श्रद्धांजलि
मुख्यमंत्री ने अपने भाषण में देश के दो बड़े व्यक्तित्वों को याद किया: पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी: छह दशकों के लंबे सार्वजनिक जीवन में उनके दामन पर भ्रष्टाचार का कोई दाग नहीं लगा। उनका जीवन शुचिता की मिसाल है। अशोक सिंघल: अयोध्या में भव्य राम मंदिर के निर्माण का सपना साकार करने और सांस्कृतिक पुनर्जागरण में उनका योगदान हमेशा अविस्मरणीय रहेगा।
प्रयागराज के लिए बड़े विकास कार्यों का ऐलान
डबल इंजन सरकार द्वारा प्रयागराज के कायाकल्प के लिए उठाए गए कदमों का जिक्र करते हुए मुख्यमंत्री ने निम्नलिखित मुख्य बिंदुओं को रेखांकित किया:
- सांस्कृतिक पुनरुद्धार: महर्षि भारद्वाज की प्रतिमा की स्थापना के साथ उनके आश्रम और मंदिर का जीर्णोद्धार कराया गया है।
- महाकुंभ 2025 की सफलता: जनवरी 2025 में आयोजित महाकुंभ में 66 करोड़ से अधिक श्रद्धालु प्रयागराज पहुंचे, जहां स्थानीय नागरिकों ने उनका अभूतपूर्व स्वागत किया।
- शिक्षा क्षेत्र में नई सौगात: प्रयागराज में देश के प्रथम राष्ट्रपति डॉ. राजेंद्र प्रसाद के नाम पर नेशनल लॉ यूनिवर्सिटी का निर्माण तेजी से कराया जा रहा है।
- इन्फ्रास्ट्रक्चर और कनेक्टिविटी: गंगा नदी पर यातायात को सुगम बनाने के लिए लगभग 1,000 करोड़ रुपये की लागत से एक नए विशाल पुल के निर्माण का प्रस्ताव तैयार है।
मुख्यमंत्री ने अंत में शहर की अन्य विकास परियोजनाओं की समीक्षा की बात दोहराते हुए कहा कि जब जनता जागरूक होकर अच्छे जनप्रतिनिधियों का चुनाव करती है, तो उसके सकारात्मक और ऐतिहासिक परिणाम ऐसे ही विकास कार्यों के रूप में सामने आते हैं।
























