चाइल्ड हेल्पलाइन और पुलिस की संयुक्त छापेमारी
सीतापुर, संवाददाता : लहरपुर कोतवाली क्षेत्र के एक गांव में एक किशोरी का जबरन बाल विवाह कराए जाने का गंभीर मामला सामने आया है। चाइल्ड हेल्पलाइन की शिकायत और सक्रियता के बाद पुलिस ने इस मामले में तत्परता दिखाते हुए लड़की के माता-पिता समेत 20 लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया है। इस बड़ी कार्रवाई के बाद से पूरे इलाके में हड़कंप मचा हुआ है।
बिना मर्जी के हो रहा था नाबालिग का विवाह
जानकारी के अनुसार, लहरपुर कोतवाली क्षेत्र के एक गांव में माता-पिता ने अपनी 16 वर्षीय नाबालिग पुत्री का विवाह उसकी मर्जी के बिना जबरन तय कर दिया था। शादी की रस्मों के दौरान इस बात को लेकर घर में काफी हंगामा भी हुआ। इसी बीच किसी जागरूक नागरिक ने इस बाल विवाह की सूचना चाइल्ड हेल्पलाइन के टोल फ्री नंबर पर दे दी। शिकायत मिलते ही चाइल्ड हेल्पलाइन की टीम तत्काल हरकत में आ गई। टीम ने स्थानीय पुलिस के साथ संयुक्त रूप से गांव पहुंचकर मौके पर छापेमारी की और मामले की बारीकी से जांच की। शुरुआती जांच और साक्ष्य संकलन में प्रथम दृष्टया बाल विवाह होने की पूरी पुष्टि हो गई, जिसके बाद चाइल्ड हेल्पलाइन की तरफ से पुलिस को लिखित तहरीर दी गई।
फोटोग्राफर और रिश्तेदारों पर भी गिरी गाज
चाइल्ड हेल्पलाइन की तहरीर पर कार्रवाई करते हुए पुलिस ने बेहद कड़ा रुख अपनाया है। इस मामले की जानकारी देते हुए कोतवाली प्रभारी अरविंद सिंह ने बताया: “बाल विवाह प्रतिषेध अधिनियम के तहत सुसंगत धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। इस अभियोग में लड़की के माता-पिता के अलावा परिवार के अन्य सदस्य (रिश्तेदार) और विवाह के काम में शामिल फोटोग्राफर को भी नामजद किया गया है। कुल 20 लोगों के खिलाफ केस दर्ज कर आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है।”
बाल विवाह कानूनन अपराध है
भारत में शादी के लिए लड़की की उम्र कम से कम 18 वर्ष और लड़के की उम्र 21 वर्ष होना अनिवार्य है। बाल विवाह प्रतिषेध अधिनियम के तहत बाल विवाह कराने, उसमें सहयोग करने (रिश्तेदार, टेंट वाले, फोटोग्राफर, पंडित आदि) को अपराधी माना जाता है, जिसमें 2 साल तक की जेल और 1 लाख रुपये तक का जुर्माना हो सकता है। यदि आपके आसपास कहीं भी बाल विवाह हो रहा हो, तो तुरंत टोल-फ्री नंबर 1098 (चाइल्डलाइन) पर सूचना दें। आपका नाम गुप्त रखा जाएगा।























