शंकराचार्य की भविष्यवाणी: “कार्रवाई तो होगी, लेकिन नया मुख्यमंत्री आने पर”
लखनऊ, संवाददाता : उत्तर प्रदेश की सियासत में गुरुवार सुबह उस वक्त बड़ी हलचल देखने को मिल रही है, जब समाजवादी पार्टी (सपा) के मुखिया अखिलेश यादव ने सुबह ठीक 8 बजे शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद से मुलाकात की। लखनऊ के फैजुल्लागंज स्थित गेस्ट हाउस में हुई इस मुलाकात के दौरान अखिलेश यादव जमीन पर बैठे नजर आए। करीब 30 मिनट तक चली इस आध्यात्मिक व राजनीतिक चर्चा के बाद अखिलेश यादव ने मीडिया के सामने भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) पर अब तक का सबसे तीखा हमला बोला। पिछले 4 महीनों में अखिलेश यादव की शंकराचार्य से यह दूसरी मुलाकात है। इससे पहले दोनों 12 मार्च को लखनऊ में मिले थे।
“चढ़ावे की चोरी महापाप, भाजपा में मचेगी भगदड़”
अयोध्या राम मंदिर में चढ़ावा चोरी और कथित घोटालों के आरोपों पर अखिलेश यादव ने बेहद सख्त रुख अख्तियार किया। उन्होंने कहा: “हमारे धर्म में भगवान के चढ़ावे की चोरी करना महापाप है, और इन लोगों ने यह महापाप किया है। इस समय दुनियाभर के सनातनी बेहद चिंतित हैं। भाजपा ने अयोध्या में मर्यादा पुरुषोत्तम श्रीराम की मर्यादा को तोड़-मरोड़कर रख दिया है। विपक्ष के खिलाफ तो FIR हो रही है, लेकिन मंदिर परिसर में काम करने वाले लोगों की यदि CDR (कॉल डिटेल रिकॉर्ड) निकाल ली जाए, तो 99% लोग भाजपाई निकलेंगे। इसके बाद भाजपा में ऐसी भगदड़ मचेगी जिसकी कल्पना नहीं की जा सकती।”
अखिलेश यादव ने मामले की जांच कर रही स्पेशल टास्क फोर्स (SIT) पर भी सवाल खड़े किए। उन्होंने आरोप लगाया कि SIT केवल मामले में लीपापोती कर रही है और सुनने में आया है कि जांच टीम के ही एक सदस्य पर 420 (धोखाधड़ी) का मुकदमा दर्ज है। मुलाकात के दौरान राम मंदिर विवाद पर शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने भी बड़ा बयान दिया। उन्होंने अखिलेश से बातचीत में कहा, “मंदिर में घोटाला हुआ है। वर्तमान मुख्यमंत्री कह रहे हैं कि कार्रवाई होगी। कार्रवाई तो होगी, लेकिन जब प्रदेश में नया मुख्यमंत्री आएगा, तब तगड़ी कार्रवाई करेगा।” दरअसल, शंकराचार्य इन दिनों गाय को ‘राष्ट्रमाता’ का दर्जा दिलाने के लिए 81 दिवसीय ‘गोविधि (गोरक्षार्थ-धर्मयुद्ध) यात्रा’ पर हैं। इसी सिलसिले में वह लखनऊ पहुंचे हैं। शंकराचार्य ने कहा कि सरकार भले ही गाय को महज एक पशु मानती हो, लेकिन पूरे प्रदेश की जनता गाय को अपनी माता मानती है।
अखिलेश यादव के भाजपा पर 3 बड़े राजनीतिक प्रहार
अखिलेश यादव ने जांच एजेंसियों (ED, CBI, IT) के दुरुपयोग का आरोप लगाते हुए कहा कि विपक्ष की आवाज दबाने और मुख्य मुद्दों से ध्यान भटकाने के लिए सपा विधायकों को निशाना बनाया जा रहा है। उन्होंने मुख्यमंत्री की भाषा पर भी सवाल उठाते हुए कहा कि जौनपुर के पीड़ित परिवार से मिलने के दौरान सीएम की भाषा बेहद आपत्तिजनक थी। मुख्यमंत्री के आगामी अयोध्या दौरे (10 जुलाई) पर तंज कसते हुए सपा प्रमुख ने कहा, “मुख्यमंत्री जी इतनी बार अयोध्या गए, लेकिन फिर भी वहां हो रही चोरी को नहीं पकड़ पाए। अब उनके जाने से क्या होगा? सुना है वहां अब जेबकतरे भी सक्रिय हो गए हैं।” राम जन्मभूमि ट्रस्ट में CEO बदले जाने के सवाल पर अखिलेश ने कहा कि केवल सांचा नहीं, पूरा ढांचा बदलना चाहिए। उन्होंने पेट्रोल में इथेनॉल मिलाने के फैसले को तेल कंपनियों का नया भ्रष्टाचार करार दिया और कहा कि ऑटोमोबाइल कंपनियों के वैज्ञानिक कारणों को दरकिनार कर यह खेल खेला जा रहा है।
‘यदुवंशी’ और गोमाता का नाता: डिंपल यादव
गौरतलब है कि करीब एक महीने पहले जब शंकराचार्य की यह यात्रा सैफई पहुंची थी, तब सपा सांसद डिंपल यादव और राष्ट्रीय महासचिव शिवपाल सिंह यादव ने उनका स्वागत किया था। उस दौरान डिंपल यादव ने साफ कहा था, “हम यदुवंशी लोग हैं और गाय हमारे लिए हमेशा से पूज्य रही है। गोमाता को बचाने के लिए हमसे जो भी बन पड़ेगा, हम करेंगे।” राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि अखिलेश यादव की शंकराचार्य से बढ़ती नजदीकियां और हिंदुत्व व गोमाता के मुद्दे पर सपा का यह रुख आगामी चुनावों में भाजपा के ‘कोर एजेंडे’ को सीधी चुनौती देने की रणनीति का हिस्सा है।























