हिंगोली में 4.6 तीव्रता का सबसे तेज झटका, प्रशासन अलर्ट
मुंबई, संवाददाता : महाराष्ट्र के कई हिस्सों में इस समय कुदरत का दोहरा कहर देखने को मिल रहा है। एक तरफ जहां राज्य के कई जिले भारी बारिश और बाढ़ की चपेट में हैं, वहीं दूसरी तरफ गुरुवार तड़के राज्य के तीन जिलों में भूकंप के तेज झटके महसूस किए गए। इन जिलों में नांदेड़, हिंगोली और परभनी शामिल हैं। भूकंप के झटके लगते ही लोग दहशत में आ गए और सूझ-बूझ दिखाते हुए अपने घरों से बाहर निकल आए। राहत की बात यह है कि अब तक किसी जान-माल के नुकसान की खबर नहीं है।
मौसम और भूगर्भ विज्ञान केंद्र के अनुसार, भूकंप का सबसे तेज झटका हिंगोली जिले के पांगरा शिंदे गांव के पास रात करीब 1:30 बजे महसूस किया गया। इसके बाद सुबह तक इलाके में कई हल्के झटके (आफ्टरशॉक्स) भी दर्ज किए गए। रिक्टर स्केल पर इस भूकंप की तीव्रता 4.6 मापी गई है। भूकंप के बाद जिला प्रशासन और आपदा प्रबंधन विभाग तुरंत अलर्ट मोड पर आ गया है। ‘नेशनल सेंटर फॉर सीस्मोलॉजी’ (NCS) लगातार स्थिति पर नजर बनाए हुए है। प्रशासन ने जनता से अपील की है: किसी भी तरह की अफवाह पर भरोसा न करें और केवल आधिकारिक जानकारियों पर ही ध्यान दें। विशेषज्ञ भूकंप के केंद्र और गहराई से जुड़े आंकड़ों का बारीकी से विश्लेषण कर रहे हैं।”
भारी बारिश से उफान पर नदियां
दूसरी ओर, महाराष्ट्र में लगातार हो रही मूसलाधार बारिश ने आम जनजीवन को अस्त-व्यस्त कर दिया है। कई जिलों में नदियां खतरे के निशान से ऊपर बह रही हैं, जिससे निचले इलाकों में जलभराव और बाढ़ की स्थिति पैदा हो गई है। सड़कों पर पानी भरने से कई मार्ग बंद हो गए हैं और रेल सेवाओं पर भी इसका असर पड़ा है। नासिक में गोदावरी नदी का जलस्तर लगातार बढ़ने से तटीय इलाकों में रहने वाले लोगों को सतर्क रहने और जरूरत पड़ने पर सुरक्षित स्थानों पर जाने के निर्देश दिए गए हैं। कुछ पहाड़ी इलाकों से भूस्खलन (लैंडस्लाइड) की खबरें भी सामने आई हैं।
रायगढ़ में बड़ा हादसा
भारी बारिश के बीच रायगढ़ जिले से एक बेहद हैरान करने वाली घटना सामने आई है। यहाँ पातालगंगा नदी का जलस्तर अचानक बढ़ने से बाढ़ का पानी HPCL (हिंदुस्तान पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन लिमिटेड) के LPG बॉटलिंग प्लांट के भीतर घुस गया। पानी का बहाव इतना तेज था कि प्लांट परिसर में रखे करीब 3,000 गैस सिलेंडर पानी में बह गए। बहने वाले सिलेंडरों में भरे हुए और खाली, दोनों ही तरह के सिलेंडर शामिल हैं। घटना के बाद स्थानीय प्रशासन ने आस-पास के ग्रामीणों के लिए चेतावनी जारी की है कि पानी में बहकर आने वाले इन सिलेंडरों को सुरक्षा कारणों से कोई भी अपने घर न ले जाए। आपदा प्रबंधन की टीमें इन सिलेंडरों को रिकवर करने के काम में जुटी हैं।
























