दोषियों के खिलाफ होगी कठोर कार्रवाई – सीएम
देहरादून, संवाददाता : उत्तराखंड के प्रसिद्ध बदरीनाथ धाम में चढ़ावे और वित्तीय अनियमितताओं के आरोपों ने अब बड़ा तूल पकड़ लिया है। इस मामले में श्री बद्रीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति (बीकेटीसी) के निलंबित कर्मचारी और अध्यक्ष कार्यालय के पूर्व निजी सहायक प्रमोद नौटियाल के खिलाफ पुलिस ने प्राथमिकी (FIR) दर्ज कर ली है। इस बीच, मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने मामले को बेहद गंभीर बताते हुए इसकी तुलना “गोहत्या जैसे महापाप” से की है और साफ किया है कि दोषियों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा।
प्रारंभिक जांच में पुष्टि के बाद कर्मचारी निलंबित
पुलिस के अनुसार, मंगलवार देर रात बदरीनाथ थाने में आरोपी प्रमोद नौटियाल के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया। इससे कुछ घंटे पहले ही बीकेटीसी की चार सदस्यीय जांच समिति ने अपनी प्रारंभिक रिपोर्ट सौंपी थी, जिसमें प्रथम दृष्टया वित्तीय अनियमितताओं की पुष्टि हुई थी। रिपोर्ट आते ही आरोपी कर्मचारी को तुरंत निलंबित कर दिया गया था। समिति की ओर से दर्ज शिकायत में कहा गया है कि 2 जुलाई को सोशल मीडिया पर कुछ आरोप सामने आए थे। जांच के दौरान शुरुआती साक्ष्यों से पता चला कि मंदिर का धन कथित रूप से उक्त कर्मचारी अपने साथ ले गया था। इसी आधार पर पुलिस ने उसके खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की निम्नलिखित धाराओं के तहत मामला दर्ज किया है: धारा 306: नियोक्ता की संपत्ति की चोरी धारा 316(5): आपराधिक न्यासभंग
उच्चस्तरीय जांच समिति गठित
मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए मुख्यमंत्री धामी के निर्देश पर गढ़वाल मंडल आयुक्त आनंद स्वरूप की अध्यक्षता में तीन सदस्यीय उच्चस्तरीय जांच समिति का गठन कर दिया गया है। पर्यटन सचिव धीराज सिंह गर्ब्याल द्वारा जारी आदेश के अनुसार, यह समिति मंदिर में प्राप्त दान-चढ़ावे से जुड़ी कथित अनियमितताओं की विस्तृत जांच करेगी और 15 दिनों के भीतर अपनी रिपोर्ट सरकार को सौंपेगी। “यह गोहत्या जैसा पाप है” — सीएम धामी हरिद्वार में पत्रकारों से बातचीत करते हुए मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा, “यह गोहत्या जैसा पाप है। जिस प्रकार माता-पिता की हत्या करना महापाप माना जाता है, उसी तरह यह भी अक्षम्य अपराध है। कानून अपना काम करेगा और दोषियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई होगी।” सीएम ने यह भी बताया कि जांच समिति से यह सुझाव भी मांगा गया है कि भविष्य में मंदिर प्रबंधन व्यवस्था को और अधिक पारदर्शी एवं व्यवस्थित कैसे बनाया जाए।
न्यायिक या जेपीसी जांच की मांग
इस पूरे प्रकरण को लेकर अब सूबे में सियासत भी गरमा गई है। मुख्य विपक्षी दल कांग्रेस ने सरकार को घेरना शुरू कर दिया है। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गणेश गोदियाल ने इस मामले की न्यायिक जांच या विधानसभा की संयुक्त समिति (JPC) से जांच कराने की मांग उठाई है। गोदियाल ने आरोप लगाया कि अयोध्या राम मंदिर में चढ़ावे को लेकर उठे विवाद के बाद अब बदरीनाथ धाम में भी श्रद्धालुओं की आस्था के साथ खिलवाड़ हो रहा है। उन्होंने मांग की कि मंदिर के चढ़ावे, बहुमूल्य आभूषणों और रत्नों से जुड़ी कथित अनियमितताओं की निष्पक्ष और पारदर्शी जांच होनी चाहिए ताकि सच सामने आ सके।























