मजबूरी में खटखटाया अदालत का दरवाजा
सुलतानपुर, संवाददाता : अमेठी जिले के संग्रामपुर थाना क्षेत्र में युवती के साथ हुए दुष्कर्म से जन्मे चार माह के मासूम के भरण-पोषण का मामला बुधवार को अदालत पहुंच गया है। मासूम की मां ने अपने बेटे के भरण-पोषण और हक के लिए फैमिली कोर्ट में अर्जी दाखिल की है।
पीड़िता के अधिवक्ता अशोक शुक्ल की दलीलें सुनने के बाद, फैमिली कोर्ट की अपर प्रधान न्यायाधीश निशा सिंह ने मामले को सुनवाई के लिए स्वीकार (एडमिट) कर लिया है। अदालत ने विपक्षी/आरोपी आदर्श सिंह उर्फ मोनू को नोटिस जारी कर जवाब तलब किया है। इस मामले की अगली सुनवाई 14 अगस्त को तय की गई है।
क्या है पूरा मामला
अमेठी जिले के संग्रामपुर थाना क्षेत्र के कन्नू भौसिंहपुर गांव निवासी आदर्श सिंह उर्फ मोनू पर क्षेत्र की ही एक युवती को शादी का झांसा देकर दुष्कर्म करने का आरोप है। दुष्कर्म के कारण पीड़िता गर्भवती हो गई थी और उसने बीते 19 मार्च को एक बेटे को जन्म दिया। पीड़िता ने आरोपी के खिलाफ संग्रामपुर थाने में पहले ही मुकदमा दर्ज कराया था। पीड़िता का बयान: “आरोपी अब शादी करने के अपने वादे से पूरी तरह मुकर गया है। वह न तो मुझे अपना रहा है और न ही अपने मासूम बेटे की देखभाल या भरण-पोषण की जिम्मेदारी उठा रहा है।”
खटखटाया अदालत का दरवाजा
लोकलाज और आर्थिक तंगी से जूझ रही पीड़िता ने आखिरकार अपने चार महीने के मासूम बेटे के भविष्य और जीवन-यापन के लिए कानूनी रास्ता चुना। कोर्ट द्वारा नोटिस जारी होने के बाद अब आरोपी को अदालत के सामने अपना पक्ष रखना होगा।
























