‘जीरो पॉवर्टी अभियान’ और दिव्यांगजनों को विशेष प्राथमिकता
लखनऊ, संवाददाता : मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के ‘हर हाथ को हुनर, हर हुनर को रोजगार’ के संकल्प को धरातल पर उतारने के लिए उत्तर प्रदेश सरकार एक बड़ा कदम उठाने जा रही है। विश्व युवा कौशल दिवस के अवसर पर उत्तर प्रदेश कौशल विकास मिशन द्वारा आगामी 13 और 14 जुलाई को प्रदेश के 74 जिलों में वृहद राज्य स्तरीय रोजगार मेलों का आयोजन किया जा रहा है।
प्रदेश के व्यावसायिक शिक्षा, कौशल विकास और उद्यमशीलता राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) कपिल देव अग्रवाल ने बताया कि योगी सरकार ने पिछले 9 वर्षों में कौशल विकास को उत्तर प्रदेश की एक नई पहचान दी है। आज यूपी की आईटीआई और स्किल सेंटर्स से प्रशिक्षित युवा देश-विदेश की नामी कंपनियों में अपनी धाक जमा रहे हैं। उन्होंने कहा, “74 जिलों में एक साथ रोजगार मेले लगाकर हम ‘हर हुनर को सम्मान, हर युवा को रोजगार’ के लक्ष्य की ओर मजबूती से आगे बढ़ रहे हैं।
“मंत्री कपिल देव अग्रवाल ने स्पष्ट किया कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के कड़े निर्देश हैं कि ‘जीरो पॉवर्टी अभियान’ के तहत चिन्हित अत्यंत गरीब परिवारों के युवाओं और दिव्यांगजनों को इन मेलों में विशेष प्राथमिकता दी जाए। सरकार का लक्ष्य समाज के अंतिम पायदान पर खड़े युवा तक रोजगार के अवसर पहुंचाना है। इच्छुक युवा-युवती रोजगार मेले की तारीख, सटीक समय और स्थान से संबंधित पूरी जानकारी अपने जनपद के नोडल राजकीय औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान (ITI) से प्राप्त कर सकते हैं।
सभी युवाओं को मिलेगा मौका
यूपीएसडीएम के मिशन निदेशक पुलकित खरे ने जानकारी दी कि इस मेले में उत्तर प्रदेश का कोई भी युवा हिस्सा ले सकता है। इसमें यूपीएसडीएम, DDU-GKY और ‘प्रोजेक्ट प्रवीण’ के तहत प्रशिक्षित युवाओं के साथ-साथ औपचारिक शिक्षा पूरी कर चुके युवाओं को भी अपनी प्रतिभा दिखाने का मौका मिलेगा। जिला स्तर पर मुख्य विकास अधिकारी और कौशल विकास मिशन के जिला समन्वयक/एमआईएस मैनेजर आपसी समन्वय से इसका आयोजन करेंगे। सभी मेला स्थलों पर दिव्यांगजनों के लिए रैम्प, सुगम आवागमन और अन्य आवश्यक सुविधाएं अनिवार्य रूप से उपलब्ध रहेंगी। पंजीकरण और व्यवस्थाओं को पारदर्शी बनाने के लिए मेला स्थलों पर क्यूआर कोड लगाए जाएंगे। सुरक्षा के लिए नोडल अधिकारियों की तैनाती के साथ पर्याप्त पुलिस बल मौजूद रहेगा। मेले के समापन के तुरंत बाद, प्रत्येक जिले को चयनित और नियुक्त हुए युवाओं की अंतिम रिपोर्ट मिशन मुख्यालय को भेजनी होगी।
























