मेला परिसर और मंदिर क्षेत्र की निगरानी के लिए लगाए जाएंगे सीसीटीवी कैमरे
हैदरगढ़/बाराबंकी, संवाददाता : क्षेत्र के ऐतिहासिक और धार्मिक स्थलों पर आगामी त्योहारों और मेलों के दौरान सुरक्षा व व्यवस्था को चाक-चौबंद रखने के लिए जिला प्रशासन पूरी तरह मुस्तैद हो गया है। इसी क्रम में शनिवार को जिलाधिकारी ईशान प्रताप सिंह और पुलिस अधीक्षक अर्पित विजयवर्गीय ने त्रिवेदीगंज के रौनी पंचायत स्थित महाभारतकालीन पौराणिक अवसानेश्वर मंदिर का दौरा किया। अधिकारियों ने मेला परिसर का बारीकी से निरीक्षण कर तैयारियों का जायजा लिया और मंदिर समिति व विभिन्न विभागों के अधिकारियों के साथ एक महत्वपूर्ण बैठक की।
सुरक्षा और भीड़ प्रबंधन के लिए कड़े निर्देश
निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी और पुलिस अधीक्षक ने सुरक्षा व्यवस्था को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए अधिकारियों को निम्नलिखित पुख्ता इंतजाम करने के निर्देश दिए: पूरे मेला परिसर और मंदिर क्षेत्र की निगरानी के लिए सीसीटीवी कैमरे लगाए जाएंगे, जिन्हें एक केंद्रीय कंट्रोल रूम से जोड़ा जाएगा। मुख्य द्वार पर श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए एक ‘खोया-पाया केंद्र’ स्थापित किया जाएगा। भीड़ को नियंत्रित करने के लिए बैरिकेडिंग की जाएगी और वाहनों के लिए समुचित पार्किंग व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। अधिकारियों ने मंदिर के पास स्थित घाट का भी निरीक्षण किया और वहां सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम करने को कहा।
मंदिर में की विधि-विधान से पूजा-अर्चना
परिसर और व्यवस्थाओं का जायजा लेने के बाद जिलाधिकारी ईशान प्रताप सिंह और पुलिस अधीक्षक अर्पित विजयवर्गीय ने आचार्य शैलेन्द्र शास्त्री के सानिध्य में महाभारतकालीन पौराणिक अवसानेश्वर महादेव की विधिवत पूजा-अर्चना की और जिले की समृद्धि व शांति की कामना की।
बैठक में मौजूद रहे प्रशासनिक अधिकारी
इस महत्वपूर्ण निरीक्षण और बैठक के दौरान जिले के कई आला अधिकारी और मंदिर समिति के पदाधिकारी मौजूद रहे, जिनमें मुख्य रूप से शामिल थे:बैठक में मौजूद रहे प्रशासनिक अधिकारी: संजय गिरि – अध्यक्ष, मंदिर समिति, रितेश कुमार सिंह – अपर पुलिस अधीक्षक, समीर कुमार सिंह – क्षेत्राधिकारी (सीओ), मधुमिता सिंह – उपजिलाधिकारी (एसडीएम) पूजा सिंह / प्रियंका सिंह – खंड विकास अधिकारी (बीडीओ), डॉ. जयशंकर पाण्डेय – सीएचसी अधीक्षक, मुकुंद पटेल – प्रशासनिक अधिकारी बैठक के अंत में सभी विभागों के अधिकारियों और कर्मचारियों को आपस में समन्वय बनाकर मेले को शांतिपूर्ण और भव्य तरीके से संपन्न कराने की जिम्मेदारी सौंपी गई।
























