रहस्यमयी वॉट्सऐप स्टेटस: “बस दो दिनों की जिंदगी बची है”
जयपुर, संवाददाता : कुछ महीने पहले तक जो आयुषी शर्मा एक सामान्य लॉ स्टूडेंट थी, आज उसका नाम राजस्थान के सबसे सनसनीखेज आपराधिक मामलों में गूंज रहा है। जयपुर पुलिस के अनुसार, जिस बेटी पर अपनी ही मां की हत्या की साजिश रचने का आरोप है, अब उसी के खिलाफ परिवार के भीतर हुई एक और मौत (पिता की मौत) को लेकर भी गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। पुलिस की जांच जैसे-जैसे आगे बढ़ रही है, इस हाई-प्रोफाइल केस की कहानी और भी चौंकाने वाली होती जा रही है।
7 लाख की सुपारी देकर कराई मां की हत्या
इस पूरे खौफनाक मामले की शुरुआत आयुषी की मां नीरज शर्मा की मौत से हुई थी। शुरुआती तौर पर यह एक साधारण सड़क हादसा लग रहा था, लेकिन जब पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज, तकनीकी साक्ष्यों और डिजिटल डेटा को खंगाला, तो पूरी तस्वीर बदल गई। जांच एजेंसियों का दावा है कि एलएलबी अंतिम वर्ष की छात्रा आयुषी ने अपने चचेरे भाई बलराम के साथ मिलकर अपनी ही मां को रास्ते से हटाने की साजिश रची। इसके लिए बकायदा 7 लाख रुपये की सुपारी देकर किलर्स तय किए गए, ताकि हत्या को एक एक्सीडेंट का रूप दिया जा सके।
14 करोड़ की संपत्ति और अनुकंपा नियुक्ति बनी विवाद की जड़
पुलिस जांच में इस खूनी खेल के पीछे की मुख्य वजह पारिवारिक संपत्ति और लालच के रूप में सामने आई है: परिवार के पास करीब 14 करोड़ रुपये की चल-अचल संपत्ति है। आयुषी के पिता विजय वशिष्ठ उर्फ विजय शर्मा राजस्थान हाईकोर्ट में कोर्ट मास्टर थे। उनके निधन के बाद मिलने वाली अनुकंपा नियुक्ति को आयुषी अपने नाम चाहती थी। परिवार का पक्ष था कि घर के दिव्यांग बेटे की देखभाल के लिए यह सरकारी नौकरी मां नीरज शर्मा को मिले।
इसी बात को लेकर मां-बेटी के रिश्तों में दरार आ गई थी। इस मामले में एक नया मोड़ तब आया जब मृतका नीरज शर्मा के भाई (आयुषी के मामा) राकेश शर्मा ने पुलिस के सामने कई चौंकाने वाले खुलासे किए। परिजनों का दावा है कि हत्या से ठीक पहले नीरज शर्मा ने अपने वॉट्सऐप पर एक बेहद गंभीर स्टेटस लगाया था, जिसमें लिखा था— “बस दो दिनों की जिंदगी बची है।” मामा का आरोप है कि स्टेटस लगाने से पहले आयुषी ने अपनी मां को गंभीर धमकी दी थी।
मामा का सबसे बड़ा दावा: विवाद के दौरान आयुषी ने अपनी मां से कथित तौर पर कहा था— “जब पापा को मार दिया, तो तुम क्या चीज हो…” पुलिस अब इस कथित बयान और उपलब्ध साक्ष्यों की गहनता से पड़ताल कर रही है। मां की हत्या की जांच के बीच सबसे बड़ा धमाका तब हुआ जब मामा राकेश शर्मा ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराकर आयुषी के पिता विजय शर्मा (मृत्यु: अप्रैल 2025) की मौत पर भी हत्या का शक जताया है। शिकायत के मुख्य बिंदु इस प्रकार हैं: ब्रेन स्ट्रोक के बाद विजय शर्मा का इलाज परिवार के अन्य सदस्यों से छिपाकर गुपचुप तरीके से कराया गया। आरोप है कि जब उन्हें घर लाया गया, तो उनकी हालत बिगड़ती गई और कथित तौर पर उनकी फीडिंग ट्यूब (खाने की नली) निकाल दी गई, जिससे उनकी मौत हो गई। परिवार को बिना पूरी जानकारी दिए जल्दबाजी में अंतिम संस्कार कर दिया गया।
पुलिस के सामने खड़े हैं ये 4 बड़े सवाल
जयपुर पुलिस अब इन सभी कड़ियों को जोड़ने के लिए मेडिकल रिकॉर्ड्स, वित्तीय लेनदेन और डिजिटल फॉरेंसिक की मदद ले रही है:क्या मां की हत्या के पीछे सिर्फ 14 करोड़ की संपत्ति और सरकारी नौकरी का लालच था, क्या पिता विजय शर्मा की मौत प्राकृतिक थी या उसके पीछे भी कोई गहरी साजिश थी, क्या दोनों मौतों (माता और पिता) का मास्टरमाइंड एक ही है, वॉट्सऐप स्टेटस और धमकी वाले दावों में कितनी सच्चाई है? आरोपी आयुषी शर्मा फिलहाल पुलिस की कस्टडी में है और उससे लगातार पूछताछ की जा रही है। पुलिस का कहना है कि पिता की मौत के मामले की अलग से जांच शुरू कर दी गई है और जल्द ही इस पूरे हत्याकांड का पर्दाफाश किया जाएगा।
























