युवाओं की पहली पसंद बनी मॉडर्न साइकिलें
अमेठी, संवाददाता : एक समय था जब साइकिल हर घर की सबसे बड़ी जरूरत हुआ करती थी। नौकरीपेशा लोग हों, किसान हों या दूध बेचने वाले—अधिकांश लोग साइकिल के सहारे ही अपने कामकाज तक पहुंचते थे। समय बदला, तकनीक आई और बाइक-कार का चलन तेजी से बढ़ा, जिससे साइकिलें पीछे छूट गईं। लेकिन अब, फिटनेस और पर्यावरण के प्रति बढ़ती जागरूकता ने साइकिल को फिर से लोगों की पहली पसंद बना दिया है। इन दिनों बाजार में साइकिलों की डिमांड में भारी उछाल आया है, जिससे दुकानदारों के चेहरे खिल उठे हैं।
रामगंज दुर्गापुर कस्बे में फिर लौटी रौनक
अमेठी के रामगंज दुर्गापुर कस्बे में कभी 40 से अधिक साइकिल की दुकानें हुआ करती थीं, जहां हर रोज 25 से 50 साइकिलें आसानी से बिक जाती थीं। बीच में एक ऐसा दौर आया जब लोगों ने इससे दूरी बना ली और कई दुकानें बंद होने की कगार पर पहुंच गईं। लेकिन अब सेहत और जेब की फिक्र ने लोगों को फिर से पैडल मारने पर मजबूर कर दिया है। वर्तमान में स्थिति यह है कि हर दुकान से प्रतिदिन 3 से 4 साइकिलें बिक रही हैं। बाजार में सामान्य साइकिल 3,500 से लेकर 4,000 रुपये तक में उपलब्ध है, जबकि युवाओं की पहली पसंद बनी रेंजर और अन्य ब्रांडेड साइकिलों की कीमत 5,800 रुपये तक जा रही है।
दुर्गापुर बाजार में साइकिल खरीदने आए स्थानीय निवासी संतोष कुमार, हरिलाल और शिवपूजन ने बताया कि पेट्रोल और डीजल के दाम लगातार बढ़ रहे हैं। अब रोज बाइक से चलना बजट से बाहर होता जा रहा है। ऐसे में खर्च की बचत को देखते हुए वे साइकिल खरीदने आए हैं। वहीं, साइकिल विक्रेता शिवराज, अरुण और कुटी गुप्ता का भी यही मानना है कि बढ़ती महंगाई ने लोगों को साइकिल की तरफ मोड़ा है, जिससे उनके व्यापार को एक नया जीवन मिला है।
सेहत के लिए ‘सुपरफूड’ है साइकिल चलाना: विशेषज्ञ की राय

नियमित रूप से साइकिल चलाना न सिर्फ पर्यावरण और जेब के लिए अच्छा है, बल्कि यह एक बेहतरीन व्यायाम भी है। भादर सीएचसी (सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र) के प्रभारी डॉ. अजय मिश्रा बताते हैं: साइकिल चलाने से हृदय गति बेहतर होती है और फेफड़ों की कार्यक्षमता बढ़ती है। इससे ब्लड प्रेशर और दिल के दौरे का खतरा काफी कम हो जाता है। रनिंग या अन्य हैवी वर्कआउट की तुलना में साइकिल चलाने से घुटनों और जोड़ों पर कम दबाव पड़ता है, जिससे मांसपेशियों और जोड़ों में मजबूती आती है। यह कैलोरी बर्न करने और वजन को नियंत्रित रखने का सबसे सुलभ माध्यम है। साथ ही, इससे मानसिक तनाव और एंग्जायटी में भी बड़ी कमी देखी गई है।
























