पूजा जितनी गुप्त होगी , देवी मां की कृपा उतनी ही अधिक प्राप्त होगी
नई दिल्ली, संवाददाता : आषाढ़ गुप्त नवरात्रि का पावन पर्व आज यानी 15 जुलाई 2026, बुधवार से शुरू हो रहा है। देवी भगवती की विशेष आराधना और गुप्त साधना के लिए इस समय को बेहद फलदायी माना जाता है। इस बार प्रतिपदा तिथि पर पुष्य नक्षत्र, हर्षण योग और सिद्ध योग का अद्भुत महासंयोग बन रहा है, जिससे इस नवरात्रि का महत्व कहीं अधिक बढ़ गया है। ज्योतिषाचार्या एवं टैरो कार्ड रीडर नीतिका शर्मा के अनुसार, नवरात्रि के अनुष्ठान की शुरुआत सही मुहूर्त में घटस्थापना (कलश स्थापना) के साथ करना बेहद शुभ और मंगलकारी होता है। आइए जानते हैं कलश स्थापना का समय, तिथि और नौ दिनों का पूरा कैलेंडर।
वैदिक पंचांग के अनुसार, इस वर्ष प्रतिपदा तिथि की शुरुआत 14 जुलाई को ही हो जाएगी, लेकिन उदया तिथि के प्रभाव से नवरात्रि का आरंभ 15 जुलाई से माना जाएगा। प्रतिपदा तिथि का प्रारंभ 14 जुलाई 2026 को दोपहर 3:14 मिनट से हो रहा है। प्रतिपदा तिथि का समापन 15 जुलाई 2026 को सुबह 11:52 मिनट पर होगा। उदया तिथि के अनुसार घटस्थापना 15 जुलाई 2026, बुधवार को की जाएगी। इस दिन पुष्य नक्षत्र के साथ-साथ हर्षण और सिद्ध योग का विशेष महासंयोग बन रहा है।
घटस्थापना (कलश स्थापना) का शुभ मुहूर्त
प्रतिपदा तिथि में मां के आवाहन और घटस्थापना के साथ ही 9 दिनों का व्रत-अनुष्ठान शुरू होता है। 15 जुलाई को घटस्थापना के लिए निम्नलिखित समय सबसे उत्तम रहेंगे: घटस्थापना का कुल शुभ समय प्रातः 06:01 बजे से 10:17 बजे तक रहेगा। कलश स्थापना के लिए सबसे श्रेष्ठ और सर्वोत्तम समय पुष्य नक्षत्र में सुबह 08:02 बजे का है। सुबह का ब्रह्म मुहूर्त प्रातः 04:11 बजे से 04:52 बजे तक रहेगा। इस वर्ष तृतीय और चतुर्थी तिथि का एकत्रिकरण होने के कारण 17 जुलाई को मां चंद्रघंटा और मां कूष्मांडा दोनों देवियों की पूजा एक ही दिन की जाएगी।
- 15 जुलाई 2026, बुधवार को पहला नवरात्र है, इस दिन घटस्थापना और मां शैलपुत्री की पूजा की जाएगी।
- 16 जुलाई 2026, गुरुवार को दूसरा नवरात्र है, इस दिन मां ब्रह्मचारिणी की पूजा होगी।
- 17 जुलाई 2026, शुक्रवार को तीसरा और चौथा नवरात्र है, इस दिन मां चन्द्रघण्टा और मां कूष्माण्डा की पूजा की जाएगी।
- 18 जुलाई 2026, शनिवार को पांचवां नवरात्र है, इस दिन मां स्कन्दमाता की पूजा का विधान है।
- 19 जुलाई 2026, रविवार को छठा नवरात्र है, इस दिन मां कात्यायनी की पूजा की जाएगी।
- 20 जुलाई 2026, सोमवार को सातवां नवरात्र है, इस दिन मां कालरात्रि की पूजा होगी।
- 21 जुलाई 2026, मंगलवार को आठवां नवरात्र है, इस दिन दुर्गा अष्टमी के अवसर पर मां महागौरी की पूजा की जाएगी।
- 22 जुलाई 2026, बुधवार को नौवां नवरात्र है, इस दिन महा नवमी पर मां सिद्धिदात्री की पूजा होगी।
- 23 जुलाई 2026, गुरुवार को पारण तिथि है, इस दिन नवरात्रि व्रत का पारण कर अनुष्ठान संपन्न किया जाएगा।
गुप्त नवरात्रि में दस महाविद्याओं की साधना की जाती है। यह साधना मुख्य रूप से तांत्रिकों, साधकों और गुप्त मन्नतें रखने वाले गृहस्थों द्वारा की जाती है। मान्यता है कि इस दौरान अपनी पूजा को जितना गुप्त रखा जाए, देवी मां की कृपा उतनी ही अधिक प्राप्त होती है।
























