सपा कार्यकर्ताओं ने फाड़े पोस्टर
बाराबंकी, संवाददाता: बाराबंकी शहर में मंगलवार सुबह समाजवादी पार्टी (सपा) के संस्थापक स्वर्गीय मुलायम सिंह यादव और राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव की तस्वीरों वाली एक विवादित होर्डिंग लगाए जाने से राजनीतिक माहौल पूरी तरह गरमा गया है। इन होर्डिंग्स में दोनों नेताओं को मुस्लिम टोपी पहने दिखाया गया था और साथ ही आपत्तिजनक नारे लिखे गए थे। घटना की भनक लगते ही सपा कार्यकर्ताओं का गुस्सा फूट पड़ा और उन्होंने मौके पर पहुंचकर होर्डिंग्स को फाड़कर हटा दिया।
क्या है पूरा मामला
मंगलवार सुबह करीब 7 बजे स्थानीय लोगों ने शहर के विभिन्न मुख्य स्थानों पर इन विवादित होर्डिंग्स को देखा। होर्डिंग्स में मुलायम सिंह यादव और अखिलेश यादव की मुस्लिम टोपी पहनी तस्वीरों के साथ “दिल में बाबर, मुंह में राम” जैसे विवादित नारे लिखे गए थे। इसके अलावा, अयोध्या आंदोलन और कारसेवकों से जुड़े पुराने बयानों का भी जिक्र किया गया था। पोस्टर की खबर फैलते ही सपा नेता ताज बाबा राईन अपने समर्थकों के साथ मौके पर पहुंचे। कार्यकर्ताओं ने इसे चुनावी माहौल और आपसी भाईचारा बिगाड़ने की सोची-समझी साजिश करार देते हुए जमकर विरोध प्रदर्शन किया और तुरंत होर्डिंग्स को फाड़ डाला।
तनावपूर्ण माहौल के बीच गरमाई राजनीति
यह घटनाक्रम ऐसे संवेदनशील समय में सामने आया है, जब महज दो दिन पहले (रविवार को) बाराबंकी में ज्योतिषपीठाधीश्वर एवं द्वारका-शारदा पीठ के शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती की ‘गो-रक्षा जनजागरण यात्रा’ को लेकर पहले से ही राजनीतिक बयानबाजी तेज थी। इस यात्रा के फौरन बाद इस तरह के विवादित पोस्टर सामने आने से जिले का सियासी पारा और चढ़ गया है। घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस बल मौके पर पहुंचा और स्थिति को नियंत्रण में लिया। पुलिस प्रशासन का बयान “मामले को बेहद गंभीरता से लिया जा रहा है। पुलिस इस बात की गहनता से जांच कर रही है कि ये विवादित होर्डिंग्स किसने छपवाए, इन्हें रात के अंधेरे में किसने और कब लगाया, और इसके पीछे किसका मुख्य हाथ है। जांच रिपोर्ट और सीसीटीवी फुटेज के आधार पर दोषियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।”






















