हर जिला मुख्यालय फोरलेन से जुड़ेगा, बड़े शहरों में बनेंगे बाईपास
लखनऊ,संवाददाता : उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सोमवार को एक भव्य समारोह में घोषणा की कि बीते एक दशक में राज्य ने विकास की एक नई और मजबूत पहचान बनाई है। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश अब ‘बीमारू’ राज्यों की श्रेणी से बाहर निकलकर देश की अर्थव्यवस्था का मुख्य ‘ग्रोथ इंजन’ बन चुका है। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने जानकारी दी कि केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने उत्तर प्रदेश के लिए 50 से 60 हजार करोड़ रुपये की नई सड़क अवसंरचना परियोजनाओं को मंजूरी दी है, जिससे राज्य का रोड नेटवर्क वैश्विक स्तर का बनेगा।
₹4,850 करोड़ की परियोजनाओं का सौगात
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ₹4,850 करोड़ से अधिक की लागत वाली राष्ट्रीय राजमार्ग परियोजनाओं के उद्घाटन एवं शिलान्यास समारोह को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा: पूर्वांचल, गंगा, बुंदेलखंड, आगरा-लखनऊ और गोरखपुर लिंक एक्सप्रेसवे के जरिए पूर्व से पश्चिम का संपर्क पहले ही मजबूत हो चुका है। अब राज्य के उत्तर और दक्षिण हिस्सों को आपस में बेहतर तरीके से जोड़ने के लिए नई परियोजनाओं को हरी झंडी दिखाई गई है।
बड़े शहरों में बनेंगे बाईपास
कनेक्टिविटी को जमीनी स्तर पर मजबूत करने के लिए केंद्र सरकार ने दो बड़े फैसलों को स्वीकृति दी है: उत्तर प्रदेश के सभी जिला मुख्यालयों को अब फोरलेन सड़कों से जोड़ा जाएगा। 5 लाख से अधिक की आबादी वाले सभी बड़े शहरों में ट्रैफिक जाम से मुक्ति दिलाने के लिए बाईपास बनाए जाएंगे। मुख्यमंत्री ने इन ऐतिहासिक परियोजनाओं के लिए केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी और रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह का विशेष आभार व्यक्त किया। “एक दशक पहले उत्तर प्रदेश पहचान के संकट से जूझ रहा था। प्रदेश दंगों, माफिया राज और खराब कानून-व्यवस्था के कारण बीमारू राज्यों में गिना जाता था। लेकिन आज प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व और डबल इंजन सरकार की नीतियों के चलते उत्तर प्रदेश सुशासन, बेहतर सुरक्षा और विश्वस्तरीय इंफ्रास्ट्रक्चर का मॉडल बन चुका है।” — योगी आदित्यनाथ, मुख्यमंत्री (उ.प्र.)
एकीकृत परिवहन नेटवर्क
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में केवल सड़कों का नहीं, बल्कि एक बहुआयामी नेटवर्क तैयार किया जा रहा है। आज उत्तर प्रदेश में सड़क, रेल, मेट्रो, हवाई अड्डों और अंतर्देशीय जलमार्गों को आपस में जोड़ा जा रहा है। उन्होंने नितिन गडकरी के प्रयासों की सराहना करते हुए वाराणसी-हल्दिया के बीच देश के पहले अंतर्देशीय जलमार्ग का भी उल्लेख किया। 63 किलोमीटर लंबे लखनऊ-कानपुर ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे को राज्य की समृद्धि का नया द्वार बताते हुए सीएम योगी ने कहा: यह एक्सप्रेसवे दोनों महानगरों के बीच की दूरी और समय को बेहद कम कर देगा। इससे प्रस्तावित स्टेट कैपिटल रीजन को मजबूती मिलेगी। यह मार्ग लखनऊ को बाराबंकी, सीतापुर, हरदोई, उन्नाव और रायबरेली जैसे पड़ोसी जिलों से बेहतरीन कनेक्टिविटी प्रदान करेगा। गंगा एक्सप्रेसवे और जेवर (नोएडा) अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे जैसी मेगा परियोजनाओं का जिक्र करते हुए
मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तर प्रदेश आज देश का सबसे बड़ा परिचालित एक्सप्रेसवे नेटवर्क वाला राज्य बन चुका है। जनता के सहयोग और विकासोन्मुख नीतियों के कारण ही आज यूपी देश की आर्थिक प्रगति की अगुवाई कर रहा है।
























