“धूप कहां पड़ रही है?” पुलिस के सवाल पर भड़के प्रदर्शनकारी
नई दिल्ली : राजधानी के जंतर-मंतर पर ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ का विरोध प्रदर्शन लगातार उग्र होता जा रहा है। शिक्षाविद और सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक की अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल आज 16वें दिन भी जारी रही। इस बीच प्रदर्शन स्थल पर धूप से बचने के लिए लगाए गए तिरपाल को हटाने को लेकर दिल्ली पुलिस और CJP के संस्थापक अभिजीत दीपके के बीच तीखी झड़प हो गई, जिसका वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है।
पुलिस के सवाल पर भड़के प्रदर्शनकारी
अभिजीत दीपके द्वारा ‘X’ (पूर्व में ट्विटर) पर साझा किए गए वीडियो में पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच का तनाव साफ देखा जा सकता है: वीडियो में दिल्ली पुलिस के अधिकारी यह पूछते नजर आ रहे हैं कि धूप कहां पड़ रही है, यह दिखाया जाए। दीपके ने प्रदर्शन स्थल की ओर इशारा करते हुए कहा कि तेज धूप सीधे अनशन पर बैठे सोनम वांगचुक पर आ रही है। उन्होंने पुलिस से अपील की कि वांगचुक की गिरती सेहत को देखते हुए मानवीय दृष्टिकोण अपनाया जाए और तिरपाल न हटाया जाए।
16 दिनों में 7.8 किलो वजन घटा, सेहत बेहद नाजुक
‘कॉकरोच जनता पार्टी’ द्वारा जारी किए गए मेडिकल बुलेटिन के अनुसार, लगातार 16 दिनों से अन्न का त्याग करने के कारण सोनम वांगचुक की स्थिति चिंताजनक बनी हुई है: ब्लड प्रेशर गिरकर $104/66{ mmHg}तक पहुंच गया है। वजन अब तक लगभग 7.8 किलोग्राम कम हो चुका है। डॉक्टरों की टीम ने उनकी सेहत को लेकर गंभीर चिंता व्यक्त की है और उन्हें तुरंत अनशन खत्म करने की सलाह दी है। सोनम वांगचुक के इस आंदोलन को देश भर के विभिन्न राजनीतिक दलों का समर्थन मिल रहा है। रविवार को प्रदर्शन स्थल पर एकजुटता दिखाने पहुंचे प्रमुख नेताओं में शामिल हैं: पुष्पेंद्र सरोज (सांसद, समाजवादी पार्टी), के. के. शैलजा (पूर्व स्वास्थ्य मंत्री, केरल), के.एल. बालगोपाल और पी. राजीव (पूर्व मंत्री)
भूख हड़ताल के बीच सोनम वांगचुक ने एक वीडियो संदेश जारी कर देश की जनता से बड़ी अपील की है। उन्होंने कहा: “किसी और में नायक तलाशने के बजाय खुद जिम्मेदारी उठाइए। मैं कोई आधुनिक गांधी या नायक नहीं, बल्कि एक सामान्य नागरिक हूं।” इसके साथ ही उन्होंने देश के युवाओं और नागरिकों से 20 जुलाई को प्रस्तावित ‘संसद मार्च’ में शामिल होने का आह्वान किया है, ताकि परीक्षा प्रणाली में गड़बड़ियों को लेकर सांसदों से सीधे जवाब मांगा जा सके।
आंदोलन की प्रमुख मांगें
‘कॉकरोच जनता पार्टी’ (CJP) और सोनम वांगचुक मुख्य रूप से शिक्षा व्यवस्था में सुधार को लेकर अड़े हैं: NEET परीक्षा में हुई कथित अनियमितताओं की नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए शिक्षा मंत्री तुरंत इस्तीफा दें। परीक्षा विवादों की उच्च स्तरीय और पारदर्शी जांच कराई जाए। परीक्षा में हुई धांधली और मानसिक तनाव के कारण आत्महत्या करने वाले पीड़ित छात्रों के परिवारों को 1-1 करोड़ रुपये का मुआवजा दिया जाए। जंतर-मंतर पर बढ़ता यह गतिरोध अब सरकार के लिए एक बड़ी चुनौती बनता जा रहा है, और 20 जुलाई के संसद मार्च को लेकर सुरक्षा एजेंसियां भी अलर्ट पर हैं।
























