Home » सआदतगंज तिहरे हत्याकांड के पीड़ितों से सुरक्षा के नाम पर तो नहीं होगा छलावा
संवाददाता, लखनऊ: सआदतगंज में तिहरे हत्याकांड में पीड़ित परिवार को सुरक्षा-व्यवस्था के नाम पर पुलिसकर्मी तो मिल गए, लेकिन सवाल यह उठ रहे हैं कि इसके एवज में पीड़ित परिवार को धनराशि अदा करनी होगी या आजीवन नि:शुल्क सुरक्षा मिलेगी।
इसे ठीक से समझने के लिए सआदतगंज में 2017 में हुए श्रवण साहू हत्याकांड के पीड़ित परिवार की कहानी बयां कर रहे हैं। श्रवण साहू के बड़े बेटे सुनीत साहू ने बताया कि वर्ष 2017 में पिता की हत्या के बाद परिवार को आजीवन नि:शुल्क सुरक्षा देने का वादा किया गया था, लेकिन पिछले दो वर्ष से सुरक्षा के नाम पर रिजर्व पुलिस लाइन से उन्हें पैसे वसूली के लिए लगातार नोटिस भेजी जा रही हैं, पैसे जमा न करने पर एक गनर भी हटा लिया गया है। सुनीत ने बताया कि शासन प्रशासन से लेकर सब कहीं नि:शुल्क सुरक्षा के लिए गुहार लगा चुके हैं, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हो रही। श्रवण साहू की हत्या के बाद उनके परिवार से भी पुलिस-प्रशासन ने बड़े-बड़े वादे किए थे, ठीक वैसे ही वादे तिहरे हत्याकांड के पीड़ित परिवार से भी किए गए हैं, लेकिन सबसे बड़ा दावा सुरक्षा का है। क्या उन्हें आजीवन नि:शुल्क सुरक्षा मिल पाएगी।आजीवन नि:शुल्क सुरक्षा के लिए तिहरे हत्याकांड का पीड़ित परिवार जल्द ही न्यायालय का भी सहारा ले सकता है। उधर वारदात के चार दिन बाद डीजीपी और एसीएस होम मौके पर पहुंचे और पीड़ित परिवार के मुकदमे को फास्ट ट्रैक में चलवाकर जल्द कठोर कार्रवाई की बात कही।
नौ वर्ष बाद भी नहीं सुधरी सआदतगंज पुलिस
नौ वर्ष पूर्व श्रवण साहू की हत्या में भी सआदतगंज थाने की पुलिसकर्मियों की घोर लापरवाही सामने आई थी, पुलिस श्रवण साहू के घर के पास बैठी रही और शूटर वारदात को अंजाम देकर फरार हो गए थे। श्रवण को तत्कालिन एसएसपी मंजिल सैनी ने एक गनर की भी संस्तुति की थी, जिसे आरआइ ने रिलीज ही नहीं किया और अंतत: श्रवण साहू की हत्या हो गई। लापरवाही बरतने वाले और अपराधियों के साथ साठगांठ में शामिल पुलिसकर्मिेंयों पर कार्रवाई हुई। अब फिर तिहरे हत्याकांड के बाद सआदतगंज थाने की पुलिस को ही सुरक्षा व्यवस्था की कमान सौंपी गई है।
सप्ताहभर पहले भी गोली मारने की दी थी धमकी
ब्राह्मणी टोला, नौबस्ता में बेटे-पिता और चाचा की हत्या के मामले में हत्यारोपित ऋषभ शुक्ला ने पीड़ित परिवार को चबूतरा निर्माण पर सप्ताहभर पहले गोली मारने की धमकी दी थी। महीने भर पहले भी विवाद हुआ था, सूचना के बावजूद सआदतगंज पुलिस ने कोई कार्रवाई नहीं की, लापरवाही में चौकी प्रभारी और कोतवाली प्रभारी नप गए।
पार्किंग व चबूतरे के विवाद में दिनदहाड़े उजाड़ दिया वंश
सोमवार की सुबह 10:30 बजे थाना सआदतगंज के ब्राह्मणी टोला, नौबस्ता में बरगद के पेड़ के समीप खाली पड़ी जमीन पर कार खड़ी करने को लेकर दो पक्षों के बीच विवाद शुरू हुआ। गलीगलौज के साथ मामला बढ़ा तो आरोपित ऋषभ शुक्ला ने असलहा निकाल दूसरे पक्ष के लोगों को दौड़ा लिया, लोग जान बचाकर भागते इससे पहले ही उसने गोलीबारी कर वंश उजाड़ दिया, एक ही परिवार के तीन लोगों को मौत के घाट उतार दिया। घटना में शिवाजी तिवारी उनके भाई शिवेन्द्र तिवारी व बेटे सुयश तिवारी की गोली लगने से मौत हो गई। वारदात के बाद सिपाही कार्तिक ने आरोपित ऋषभ शुक्ला को असलहे के साथ पकड़ लिया गया था। उसके कब्जे से पिस्टल व 04 अदद खोखा कारतूस बरामद किए गए थे।