Home » केजीएमयू में धर्मांतरण नेटवर्क की उधड़ती जा रहीं परतें, मशीनें किराए से लगवाकर कमीशन लिया और रकम लव जिहाद में लगाई
संवाददाता, लखनऊ: केजीएमयू में धर्मांतरण प्रकरण की जांच जैसे-जैसे आगे बढ़ती जा रही है, पर्ते उधड़ती जा रही हैं। संस्थान के एक डाक्टर ने विशेष समुदाय से जुड़े लोगों की निजी कंपनियों को खूब लाभ दिलाया। उनकी कंपनियों के माध्यम से विभागों में किराए से मशीनें लगवाईं और उससे मिले कमीशन की रकम लव जिहाद में लगाई। एसटीएफ रिपोर्ट में सामने आया है कि संस्थान के एक डॉक्टर ने ही विशेष धर्म से जुड़े लोगों की निजी कंपनियों को कारोबार दिलाने में खूब मदद की। इसके लिए दवा दुकानों से लेकर मेडिकल जांच में इस्तेमाल होने वाली मशीनों तक को किराये पर लगाने की व्यवस्था की गई। निजी कंपनियों के जरिए केजीएमयू के यूरोलॉजी, रेडियोलॉजी और पैथोलॉजी विभागों में किराये की मशीनें लगवाई गईं। दवा दुकानों से लेकर जांच के संसाधनों तक इन कंपनियों की मौजूदगी बढ़ाई गई। दावा है कि इस तरह संस्थान के अलग-अलग विभागों में निजी कंपनियों का कारोबार फैलाया गया। आरोप है कि निजी कंपनियों को केजीएमूय परिसर में जगह और संसाधन उपलब्ध कराने के बदले प्रशासन को मामूली कमीशन दिया जाता था। वहीं, इन कंपनियों के मालिकों पर धर्मांतरण गतिविधियों को आर्थिक मदद देने का आरोप भी लगाया गया है। इससे संस्थान में निजी कंपनियों के कारोबारी हितों और कथित धर्मांतरण नेटवर्क के बीच संबंधों को लेकर सवाल खड़े हुए हैं।
एसटीफ जांच रिपोर्ट में 12 नामजद, एसजीपीजीआई तक पहुंची आंच
धर्मांतरण और उत्पीड़न मामले में एसटीएफ ने अपनी जांच रिपोर्ट शासन को सौंप दी है। रिपोर्ट में केजीएमयू के पैथोलॉजी, माइक्रोबायोलॉजी, रेडियोलॉजी और गांधी वार्ड समेत सात विभागों के कई डॉक्टरों और कर्मचारियों की संलिप्तता सामने आई है।जांच में मुख्य आरोपी डॉ. रमीज मलिक समेत 12 लोगों के नाम शामिल हैं। एसटीएफ ने खुलासा किया है कि मामले की जांच का दायरा अब एसजीपीजीआई लखनऊ तक बढ़ सकता है, क्योंकि वहां के हेमेटोलॉजी विभाग के एक प्रोफेसर का नाम भी रिपोर्ट में दर्ज है। रिपोर्ट के मुताबिक पीड़ितों द्वारा पूर्व में की गई शिकायतों को दबाने और साक्ष्य छिपाने की कोशिश की गई थी। उत्तर प्रदेश शासन के निर्देश पर केजीएमयू प्रशासन छह नवंबर को प्रस्तावित आपात कार्यपरिषद बैठक में आरोपियों पर बर्खास्तगी जैसी सख्त कार्रवाई पर फैसला लेगा।