एसआईटी जल्द मुख्यमंत्री को सौंपेगी जांच रिपोर्ट
लखनऊ, संवाददाता : अलीगंज अग्निकांड की जांच कर रही विशेष जांच टीम (एसआईटी) अंतिम चरण में पहुंच गई है। सूत्रों के अनुसार एसआईटी मंगलवार तक अपनी रिपोर्ट मुख्यमंत्री को सौंप सकती है। प्रारंभिक जांच में एलडीए, विद्युत सुरक्षा विभाग और नगर निगम की गंभीर लापरवाही सामने आने की बात कही जा रही है, जबकि दमकल विभाग को क्लीनचिट मिलने की संभावना है।
एसआईटी के सदस्य प्रमुख सचिव अमृत अभिजात और एडीजी जोन लखनऊ प्रवीण कुमार ने पांच दिनों में तीन बार घटनास्थल का निरीक्षण कर साक्ष्य जुटाए और संबंधित अधिकारियों व स्थानीय लोगों से पूछताछ की।
इसलिए मिल सकती है क्लीनचिट
दमकल विभाग ने एसआईटी को सौंपी रिपोर्ट में बताया कि भवन स्वामी वीरेंद्र शुक्ला ने कभी फायर एनओसी के लिए आवेदन नहीं किया। साथ ही भवन का नक्शा पास करने वाले विभाग ने भी इसकी अनिवार्यता सुनिश्चित नहीं की। रिपोर्ट के मुताबिक, दोपहर 2:27 बजे आग लगने की सूचना मिली। एक मिनट बाद 2:28 बजे इंदिरानगर फायर स्टेशन से दो दमकल वाहन रवाना हुए और 2:43 बजे घटनास्थल पहुंच गए। 2:45 बजे आग बुझाने का अभियान शुरू हो गया। इसके बाद डीजी फायर सुजीत पांडेय समेत वरिष्ठ अधिकारी भी मौके पर पहुंचे। 2:48 बजे अतिरिक्त दमकल और 2:50 बजे हाइड्रोलिक प्लेटफॉर्म पहुंच गया। कुल 110 दमकलकर्मियों, आठ राजपत्रित अधिकारियों, 19 दमकल वाहनों और एक हाइड्रोलिक प्लेटफॉर्म की मदद से आग पर काबू पाया गया।
बेसमेंट में रखे थे प्रतिबंधित पशु-पक्षी
एसआईटी की जांच में सामने आया कि कोचिंग सेंटर के नीचे स्थित बेसमेंट में प्रतिबंधित पशु-पक्षियों को रखा गया था। स्थानीय लोगों के बयान के आधार पर इस पहलू को भी जांच में शामिल किया गया है और जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई की संस्तुति की गई है।
एसी का कंप्रेसर फटने से भड़की आग
दमकल विभाग की जांच के अनुसार, आग की शुरुआत एसी का कंप्रेसर फटने से हुई। इसके बाद पशु-पक्षियों के चारे, सीढ़ियों के पास खड़ी बाइक और अन्य ज्वलनशील सामान में आग फैल गई। भवन का शीशा टूटने से ऑक्सीजन मिलने पर आग और तेजी से भड़क उठी। जांच में यह भी सामने आया कि बेसमेंट में मौजूद लोग सामान बचाने और बाहर निकलने में जुटे रहे तथा ऊपर कोचिंग में मौजूद छात्रों को समय रहते सूचना नहीं दी गई।
बिल्डिंग मालिक की संपत्तियों की भी जांच
एसआईटी बिल्डिंग मालिक वीरेंद्र शुक्ला की लखनऊ से लेकर सीतापुर तक की संपत्तियों और अन्य निर्माण कार्यों की भी जांच कर रही है। जानकारी के अनुसार सीतापुर के मनवा चौराहे के आसपास बड़ी मात्रा में जमीन खरीदी गई है, जहां लगभग 130 बीघे में स्कूल और अन्य निर्माण कार्य चल रहे हैं। यहां विश्वविद्यालय स्थापित करने की भी तैयारी बताई जा रही है। अलीगंज अग्निकांड वाली बिल्डिंग के पास स्थित वीरेंद्र शुक्ला के एक अन्य कॉम्प्लेक्स को भी सील कर दिया गया है। बताया जा रहा है कि राजधानी में 25 से 30 हजार तक ऐसी इमारतें संचालित हैं, जिनके पास फायर एनओसी नहीं है। अब इस घटना के बाद प्रशासन इन सभी अवैध भवनों का रिकॉर्ड तैयार कर उनकी जांच करेगा।























