अलीगंज अग्निकांड के बाद होटलों और बैंक्वेट हॉलों के किए गए सर्वे से हुआ खुलासा
लखनऊ, संवाददाता : राजधानी लखनऊ के विभूतिखंड स्थित सेवी ग्रैंड होटल में नियमों की अनदेखी का मामला एक बार फिर सामने आया है। जिस बेसमेंट का इस्तेमाल केवल वाहनों की पार्किंग के लिए होना चाहिए था, वहां वर्षों से बैंक्वेट हॉल संचालित किया जा रहा है। हैरानी की बात यह है कि इसी बेसमेंट में वर्ष 2022 में आग लग चुकी है, जिसके बाद भी कथित तौर पर नियमों के उल्लंघन पर प्रभावी कार्रवाई नहीं हुई।
हाल ही में अलीगंज अग्निकांड के बाद लखनऊ विकास प्राधिकरण द्वारा होटलों और बैंक्वेट हॉलों के किए गए सर्वे में इस अनियमितता का खुलासा हुआ। मंडलायुक्त की ओर से जारी प्रेस नोट के अनुसार, होटल के बेसमेंट में आज भी बैंक्वेट हॉल संचालित हो रहा है। ऐसे में सवाल उठ रहे हैं कि चार साल पहले आग की घटना के बाद एलडीए ने क्या कार्रवाई की और नियमों के विपरीत गतिविधियां दोबारा कैसे जारी रहीं।
2022 में लगी थी आग
13 अप्रैल 2022 को सेवी ग्रैंड होटल के बेसमेंट में आग लग गई थी। उस समय दमकल विभाग ने कई घंटे की मशक्कत के बाद करीब 15 लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला था। घटना के बाद एलडीए ने होटल प्रबंधन के खिलाफ सीलिंग और सख्त कार्रवाई का दावा किया था। हालांकि, ताजा सर्वे में सामने आया कि जिस स्थान को पार्किंग के लिए स्वीकृति मिली थी, वहां अब भी शादी और अन्य आयोजनों के लिए बैंक्वेट हॉल संचालित किया जा रहा है।
नक्षत्र वाटिका में भी पार्किंग की जगह बैंक्वेट हॉल
हैनिमैन चौराहे के पास स्थित नक्षत्र वाटिका में भी इसी तरह की अनियमितता सामने आई है। यहां स्वीकृत नक्शे में बेसमेंट को पार्किंग के लिए दर्शाया गया है, लेकिन मौके पर वहां बैंक्वेट हॉल संचालित होने का दावा किया गया है। परिणामस्वरूप समारोहों के दौरान वाहनों की पार्किंग सड़क पर होती है, जिससे हैनिमैन चौराहे से सिंगापुर मॉल तक अक्सर लंबा ट्रैफिक जाम लग जाता है। स्थानीय लोगों का कहना है कि कई बार शिकायतों के बावजूद कार्रवाई नोटिस तक ही सीमित रही।
मंडलायुक्त विजय विश्वास पंत के निर्देश पर एलडीए ने शहर के होटल, गेस्ट हाउस और बैंक्वेट हॉल का निरीक्षण कराया। जांच में 122 भवनों में स्वीकृत नक्शे के विपरीत निर्माण और उपयोग पाए जाने का दावा किया गया। कहीं पार्किंग की जगह बैंक्वेट हॉल तो कहीं क्लब संचालित मिले। हालांकि, एलडीए ने अब तक केवल छह प्रतिष्ठानों के नाम सार्वजनिक किए हैं। बाकी मामलों की जानकारी साझा नहीं की गई है। प्राधिकरण का कहना है कि संबंधित भवन स्वामियों को नोटिस जारी कर दिए गए हैं और नियमानुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी।
सीलिंग अभियान पर एक सप्ताह की रोक
अलीगंज अग्निकांड के बाद एलडीए और अग्निशमन विभाग द्वारा चलाया जा रहा संयुक्त सीलिंग अभियान फिलहाल एक सप्ताह के लिए रोक दिया गया है। अब किसी भी भवन पर सीलिंग या ध्वस्तीकरण की कार्रवाई से पहले भवन स्वामी को अपना पक्ष रखने का अवसर दिया जाएगा। अधिकारियों के अनुसार, यह निर्णय उन शिकायतों के बाद लिया गया है जिनमें बिना सुनवाई कार्रवाई किए जाने का आरोप लगाया गया था।
नियमों के अनुसार बहुमंजिला होटलों और व्यावसायिक भवनों के बेसमेंट का उपयोग केवल पार्किंग के लिए किया जा सकता है। इसके बावजूद कई प्रतिष्ठानों में बेसमेंट का उपयोग बैंक्वेट हॉल, क्लब और अन्य व्यावसायिक गतिविधियों के लिए किए जाने के आरोप सामने आए हैं। विशेषज्ञों के अनुसार, इससे एक ओर सड़क पर पार्किंग और ट्रैफिक जाम की समस्या बढ़ती है, वहीं आग जैसी आपात स्थिति में लोगों के सुरक्षित निकास में भी गंभीर बाधा उत्पन्न हो सकती है।























