दोनों देशों ने रणनीतिक साझेदारी को नई ऊंचाइयों तक ले जाने का लिया संकल्प
नई दिल्ली, संवाददाता : भारत और जापान के बीच आयोजित 16वें वार्षिक शिखर सम्मेलन के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जापान की प्रधानमंत्री सनाए तकाइची का गर्मजोशी से स्वागत करते हुए उन्हें “छोटी बहन” कहकर संबोधित किया। प्रधानमंत्री मोदी के इस आत्मीय संबोधन पर तकाइची ने मुस्कुराते हुए प्रतिक्रिया दी और अपने संबोधन में भी इस रिश्ते का उल्लेख किया।
हैदराबाद हाउस में द्विपक्षीय वार्ता के बाद आयोजित संयुक्त प्रेस वार्ता में प्रधानमंत्री मोदी ने कहा, “महामहिम और मेरी छोटी बहन प्रधानमंत्री तकाइची, दोनों देशों के प्रतिनिधि, मीडिया के साथियों, नमस्कार! कोन्निचिवा।” ‘कोन्निचिवा’ जापानी भाषा में अभिवादन के लिए इस्तेमाल किया जाने वाला शब्द है। प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि भारत-जापान वार्षिक शिखर सम्मेलन में भाग लेने के लिए भारत आईं सनाए तकाइची की यह पहली आधिकारिक भारत यात्रा है। उन्होंने तकाइची को जापान की पहली महिला प्रधानमंत्री बताते हुए उन्हें दूरदर्शी और लोकप्रिय नेता बताया। साथ ही कहा कि उनका संबंध जापान के नारा प्रांत से है, जो भारत और जापान की साझा बौद्ध विरासत का महत्वपूर्ण केंद्र माना जाता है।
अपने संबोधन के अंत में प्रधानमंत्री मोदी ने हिंदी में “बहुत-बहुत धन्यवाद” और जापानी भाषा में “अरिगातो गोजाइमासु” कहकर सभी का आभार व्यक्त किया। जापान की प्रधानमंत्री सनाए तकाइची ने भी प्रधानमंत्री मोदी के ‘छोटी बहन’ वाले संबोधन का उल्लेख करते हुए कहा कि दोनों नेताओं ने भारत और जापान के संबंधों को भाई-बहन जैसे विश्वास, सम्मान और सहयोग के साथ आगे बढ़ाने पर सहमति जताई है।
तकाइची ने कहा कि दोनों देशों ने साझा वैश्विक और क्षेत्रीय लक्ष्यों को हासिल करने के लिए रणनीतिक सहयोग को और गहरा करने का निर्णय लिया है। उन्होंने भारत सरकार और भारतीय जनता द्वारा दिए गए गर्मजोशी भरे स्वागत और आतिथ्य के लिए आभार भी व्यक्त किया। शिखर वार्ता के दौरान दोनों नेताओं ने रक्षा, आर्थिक सहयोग, निवेश, प्रौद्योगिकी, आपूर्ति श्रृंखला, बुनियादी ढांचा और क्षेत्रीय सुरक्षा सहित कई अहम क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने पर चर्चा की। दोनों देशों ने अपनी विशेष रणनीतिक एवं वैश्विक साझेदारी को नई ऊंचाइयों तक ले जाने की प्रतिबद्धता भी दोहराई।























