कार की स्पेसिफिकेशन को लेकर उठे सवाल
मुंबई, संवाददाता : देश के सबसे लोकप्रिय व्लॉगर्स में शुमार सौरव जोशी इन दिनों सोशल मीडिया पर एक बड़े विवाद के केंद्र में आ गए हैं। उनके एक हालिया व्लॉग में की गई टिप्पणियों के बाद इंटरनेट पर बहस छिड़ गई है। एथेनॉल मिक्स पेट्रोल को लेकर उनका बयान, मर्सिडीज कार की माइलेज में आई भारी गिरावट का दावा और उनकी कुल संपत्ति को लेकर उड़ रही अफवाहों ने उन्हें सुर्खियों में ला दिया है।
17 से सीधे 5 पर आया माइलेज
विवाद की शुरुआत तब हुई जब सौरव ने अपने व्लॉग में अपनी लग्जरी मर्सिडीज कार की परफॉर्मेंस पर बात की। उन्होंने कहा कि जब से पेट्रोल में एथेनॉल मिक्स किया जाने लगा है, तब से उनकी कार की माइलेज बुरी तरह प्रभावित हुई है। सौरव के मुताबिक, जो कार पहले 17 का एवरेज देती थी, वह अब घटकर सिर्फ 5 का माइलेज दे रही है। इस बयान के बाद सोशल मीडिया दो गुटों में बंट गया। कुछ लोग उनके समर्थन में आए, तो बड़ी संख्या में यूजर्स ने इस दावे को पूरी तरह अतार्किक बताया।
ऑटोमोबाइल एक्सपर्ट्स ने उठाए सवाल
सौरव के इस दावे पर तकनीकी जानकारों और ऑटोमोबाइल लवर्स ने मोर्चा खोल दिया है। मर्सिडीज के इस हाई-एंड मॉडल के लिए कंपनी हमेशा प्रीमियम/हाई-ऑक्टेन पेट्रोल के इस्तेमाल की सलाह देती है। यूजर्स का कहना है कि अगर कार में सही ग्रेड का ईंधन नहीं डाला गया, तो माइलेज और इंजन पर असर पड़ना लाजिमी है। इसके लिए सीधे एथेनॉल ब्लेंडिंग को जिम्मेदार ठहराना गलत है। फिलहाल इस तकनीकी पहलू पर सौरव जोशी या उनकी टीम की तरफ से कोई आधिकारिक स्पष्टीकरण नहीं आया है। विवाद के बीच सौरव ने अपनी नई इलेक्ट्रिक जीवेगन का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि इलेक्ट्रिक व्हीकल होने के कारण उन्हें भविष्य में ईंधन या माइलेज जैसी समस्याओं का सामना नहीं करना पड़ेगा। हालांकि, नेटिजंस ने इसे ट्रोल करते हुए कहा कि सौरव माइलेज वाले विवादित बयान से लोगों का ध्यान भटकाने के लिए अपनी नई कार की चर्चा कर रहे हैं।
बात सिर्फ गाड़ी और माइलेज तक सीमित नहीं रही, बल्कि बहस सौरव जोशी की कुल संपत्ति पर जा पहुंची। सोशल मीडिया पोस्ट्स में दावा किया जा रहा है कि पहले सौरव की नेटवर्थ करीब 50 करोड़ रुपये बताई जाती थी, लेकिन हालिया व्लॉग में उन्होंने अपनी संपत्ति 100 करोड़ रुपये के आसपास होने का संकेत दिया है। इस अचानक उछाल को लेकर इंटरनेट पर कुछ वायरल पोस्ट्स में प्रवर्तन निदेशालय (ED) की कार्रवाई तक की अफवाहें उड़ाई जा रही हैं। किसी भी सरकारी या जांच एजेंसी ने सौरव जोशी के खिलाफ किसी भी तरह की जांच, नोटिस या छापेमारी की पुष्टि नहीं की है। सोशल मीडिया पर चल रहे ये दावे पूरी तरह से निराधार और महज अटकलें हैं।























