खाकी से लेकर राजस्व तक एंटी करप्शन ब्यूरो और विजिलेंस का खौफ
संवाददाता, अमेठी: जिले में सरकारी महकमों में फैले भ्रष्टाचार की जड़ें हिलाने के लिए एंटी करप्शन ब्यूरो और विजिलेंस की टीमें लगातार ताबड़तोड़ कार्रवाई कर रही हैं। पिछले पांच वर्षों के आंकड़ों पर नजर डालें तो पुलिस, राजस्व, स्वास्थ्य, पंचायत और शिक्षा विभाग समेत कई सरकारी विभागों के अधिकारी और कर्मचारी रिश्वतखोरी के दलदल में रंगे हाथ पकड़े जा चुके हैं। हालिया कार्यवाहियों के बाद एक बार फिर सरकारी गलियारों में हड़कंप मच गया है और घूसखोरों के पसीने छूट रहे हैं।
स्वास्थ्य और नलकूप विभाग में घूसखोरी
भ्रष्टाचार के खिलाफ चल रही इस मुहिम में हाल के दिनों में कई बड़ी गिरफ्तारियां देखने को मिली हैं: स्वास्थ्य विभाग (18 जुलाई 2026): ताजातरीन मामले में मुख्य चिकित्सा अधिकारी कार्यालय में तैनात सहायक संजय मिश्रा को एंटी करप्शन की टीम ने जाल बिछाकर 50 हजार रुपये की मोटी रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार किया। आरोपी सहायक पर विभाग के ही एक कर्मचारी से काम कराने के एवज में घूस मांगने का आरोप था। नलकूप विभाग (19 फरवरी 2026): इससे पहले विभाग के लिपिक एहसान अहमद को एसीबी ने दबोचा था। आरोपी लिपिक ने एक सेवानिवृत्त कर्मचारी के लंबित भुगतान को जारी करने के बदले 15 हजार रुपये की मांग की थी।

‘खाकी’ पर भी दाग
रक्षक ही भक्षक बनने के मामलों में पुलिस विभाग के कई मुलाजिम भी जाल में फंसे हैं: SI राजेश चंद्र पाल (10 जुलाई 2026): इन्हौना थाने में तैनात उपनिरीक्षक को सड़क दुर्घटना के एक मामले में पक्ष में रिपोर्ट लगाने के एवज में 15 हजार रुपये लेते हुए एसीबी ने थाने के पास एक चाय की दुकान से दबोचा। SI कर्मवीर सिंह: संग्रामपुर थाने में तैनात दरोगा को चार्जशीट दाखिल करने के नाम पर 30 हजार रुपये रिश्वत लेते हुए लखनऊ के चर्चित फीनिक्स पलासियो मॉल से गिरफ्तार किया गया। सिपाही चंदन कनौजिया (31 मई): जायस कोतवाली में तैनात इस सिपाही को एंटी करप्शन टीम ने 9,000 रुपये की घूस लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार किया था।
राजस्व और शिक्षा विभाग में भी चला विजिलेंस का डंडा
भ्रष्टाचार के खिलाफ चल रही इस व्यापक मुहिम से राजस्व और शिक्षा विभाग भी अछूते नहीं रहे हैं। पिछले वर्षों में इन विभागों के कई जिम्मेदार अधिकारी और कर्मचारी घूस लेते हुए रंगे हाथ दबोचे गए:
- लेखपाल अमित कुमार की गिरफ्तारी (11 दिसंबर 2025): राजस्व विभाग में फैले भ्रष्टाचार के तहत अमेठी तहसील के लेखपाल अमित कुमार को एंटी करप्शन की टीम ने 8,000 रुपये की घूस लेते हुए रंगे हाथ पकड़ा था। आरोपी लेखपाल एक ग्रामीण से जमीनी कार्य के एवज में इस रकम की मांग कर रहा था।
- एसडीएम कार्यालय के पेशकार पर कार्रवाई (09 सितंबर 2024): इससे पहले भ्रष्टाचार का एक बड़ा मामला अमेठी एसडीएम कार्यालय में सामने आया था, जहां तैनात पेशकार योगेंद्र कुमार श्रीवास्तव को विजिलेंस की टीम ने एक फरियादी से 5,000 रुपये की रिश्वत लेते हुए मौके पर ही गिरफ्तार किया था।
- कानूनगो दुर्गा प्रसाद मिश्र पर शिकंजा (21 जून 2023): जमीन के सरकारी दस्तावेजों में हेरफेर और खतौनी में नाम दुरुस्त करने के नाम पर रिश्वतखोरी कर रहे कानूनगो दुर्गा प्रसाद मिश्र को एंटी करप्शन टीम ने 5,000 रुपये रिश्वत लेते हुए दबोचा था।
- शिक्षा विभाग के संतोष सिंह भी गए जेल (वर्ष 2023): इसी वर्ष समेकित शिक्षा से जुड़े संतोष सिंह को भी भ्रष्टाचार के आरोप में गिरफ्तार किया गया था। आरोप था कि उन्होंने विभाग के ही एक शिक्षक से मेडिकल प्रमाणपत्र (Medical Certificate) बनवाने के एवज में 5,000 रुपये की अवैध रकम वसूली थी।
























