पुलिस तलाश रही है मास्टरमाइंड
अयोध्या, संवाददाता : राम मंदिर में चढ़ावे की कथित चोरी के मामले में जांच लगातार आगे बढ़ रही है। पुलिस सूत्रों के अनुसार, गिरफ्तार सभी आरोपी जेल में हैं और पूछताछ के दौरान काफी डरे हुए नजर आ रहे हैं। अब तक की जांच में किसी भी आरोपी का कोई पुराना आपराधिक रिकॉर्ड सामने नहीं आया है। ऐसे में पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि चोरी की योजना किसने बनाई और इसके पीछे मुख्य साजिशकर्ता कौन था।
सूत्रों के मुताबिक, जांच एजेंसियां अब तक इस मामले के कथित मास्टरमाइंड तक नहीं पहुंच सकी हैं। अविनाश से पूछताछ के बाद पुलिस जरूरत पड़ने पर अन्य आरोपियों की भी पुलिस कस्टडी लेने की तैयारी कर रही है, ताकि पूरे घटनाक्रम की कड़ियों को जोड़ा जा सके। इधर, एसआईटी ने मंदिर ट्रस्ट से जुड़े कई लोगों के बयान दर्ज किए हैं। चंपत राय और कृष्ण मोहन यादव के बयान दर्ज किए जा चुके हैं, जबकि अनिल मिश्रा और गोपाल राव के बयान भी जल्द दर्ज किए जाएंगे। सूत्रों के अनुसार, अब तक दर्जनों लोगों से पूछताछ हो चुकी है और करीब 70 से 80 लोगों के बयान अभी दर्ज किए जाने बाकी हैं। मंदिर ट्रस्ट, बैंक कर्मियों और अन्य संबंधित कर्मचारियों से भी लगातार पूछताछ की जा रही है। काउंटिंग सेंटर की सीसीटीवी निगरानी की जिम्मेदारी भी जांच के दायरे में है।
मामले की जांच कर रही अयोध्या पुलिस को जेल में बंद पांच आरोपियों से पूछताछ की अनुमति मिल गई है। पुलिस रविवार को अनुकल्प मिश्रा, लवकुश मिश्रा, रामशंकर यादव उर्फ टिन्नू, करुणेश पांडे और मनीष यादव से जेल में पूछताछ करेगी। पूछताछ के दौरान उनके बयान दर्ज किए जाएंगे और आवश्यकता पड़ने पर आगे पुलिस कस्टडी भी मांगी जा सकती है। इससे पहले पुलिस आरोपी अविनाश से जेल में पूछताछ कर उसकी पुलिस कस्टडी भी ले चुकी है।
इस बीच जांच में आरोपियों से जुड़ी संपत्तियां भी जांच के दायरे में आ गई हैं। सूत्रों के अनुसार, अधिकारियों ने कई ऐसी प्रॉपर्टीज़ की पहचान की है, जिनका संबंध आरोपियों से बताया जा रहा है। जांच एजेंसियां यह पता लगाने का प्रयास कर रही हैं कि कहीं कथित तौर पर चोरी किए गए चढ़ावे की रकम का इस्तेमाल इन संपत्तियों की खरीद में तो नहीं किया गया। सूत्रों के मुताबिक, सबसे अधिक संपत्तियां अनुकल्प मिश्रा और उनके साले लवकुश मिश्रा से जुड़ी बताई जा रही हैं। अब तक इन दोनों से संबंधित करीब 12 संपत्तियों की पहचान की गई है, जिनकी कीमत करोड़ों रुपये आंकी जा रही है। अधिकारियों की टीम यह भी जांच कर रही है कि इनमें कौन-सी संपत्तियां पैतृक हैं और कौन-सी हाल के वर्षों में खरीदी गई हैं। जांच के दौरान अयोध्या के अलावा बसावा, मिल्कीपुर और रुदौली क्षेत्रों में स्थित संपत्तियों का भी सत्यापन किया जा रहा है।
























