भारी मात्रा में फर्जी दस्तावेज बरामद
लखनऊ,संवाददाता : उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में पुलिस और साइबर प्रकोष्ठ को एक बड़ी सफलता हाथ लगी है। एक संयुक्त अभियान के दौरान टीम ने कॉरपोरेट धोखाधड़ी से जुड़े एक बड़े अंतरराष्ट्रीय गिरोह का पर्दाफाश करते हुए उसके चार सक्रिय सदस्यों को गिरफ्तार कर लिया है। एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने सोमवार को इस कार्रवाई की जानकारी साझा की।
वित्तीय लेनदेन के सुरागों से खुली पोल
अपर पुलिस उपायुक्त (दक्षिणी) रल्लापल्ली वसंत कुमार ने बताया कि वित्तीय लेनदेन से जुड़े संदिग्ध सुरागों की गहराई से जांच करने के बाद संयुक्त टीम ने इस गिरोह को दबोचा। गिरफ्तार किए गए आरोपियों की पहचान इस प्रकार हुई है: सत्येन्द्र सविता, निप्पु कुमार, मनीष कुमार, सन्नी कुमार “पुलिस टीम गिरोह के नेटवर्क से जुड़े अन्य साथियों की सरगर्मी से तलाश कर रही है। जल्द ही कुछ और गिरफ्तारियां संभव हैं।” — रल्लापल्ली वसंत कुमार, अपर पुलिस उपायुक्त (दक्षिणी)
बरामदगी की सूची: फर्जीवाड़े का बड़ा नेटवर्क
आरोपियों के ठिकाने से भारी मात्रा में डिजिटल डिवाइस और बैंकिंग दस्तावेज बरामद किए गए हैं, जो इनके बड़े नेटवर्क की गवाही देते हैं: रबर स्टांप: 06, चेक बुक: 79, एटीएम कार्ड: 77, पीओएस (POS) मशीनें: 06, कीपैड मोबाइल फोन: 14, एंड्रॉयड मोबाइल फोन: 15, सिम कार्ड: 29, लैपटॉप: 03, विभिन्न कंपनियों से जुड़े दस्तावेज: भारी मात्रा में, पहचान पत्र: 03
मोडस ऑपरेंडी: ऐसे देते थे ठगी को अंजाम
पुलिस जांच में इस गिरोह के काम करने के तरीके का सनसनीखेज खुलासा हुआ है: आरोपी सीधे-सादे लोगों को बहला-फुसलाकर या लालच देकर उनके नाम पर बैंकों में चालू खाते खुलवाते थे। इसके बाद फर्जी कार्यालयों के पतों का इस्तेमाल कर कागजों पर फर्जी कंपनियों का पंजीकरण कराया जाता था। साइबर ठगी और कॉरपोरेट फ्रॉड से जुटाई गई अवैध रकम को इन्हीं फर्जी खातों में ट्रांसफर किया जाता था। आरोपी इन खातों के इंटरनेट बैंकिंग लॉगिन क्रेडेंशियल्स, एटीएम कार्ड, चेक बुक और सिम कार्ड अपने पास रखते थे और ओटीपी का इस्तेमाल कर तुरंत धनराशि गायब कर देते थे। पुलिस के मुताबिक, इस गिरोह का नेटवर्क देश के कई राज्यों में फैला हुआ है। इसके साथ ही, ट्रांजैक्शन पैटर्न्स को देखते हुए इसके अंतरराष्ट्रीय संबंधों की भी गंभीरता से जांच की जा रही है कि कहीं इस फ्रॉड के तार विदेशों से तो नहीं जुड़े हैं।























