भारतीय टीम, गंवाया नंबर-वन का ताज
साउथेम्प्टन : भारत और इंग्लैंड के बीच खेली गई पांच मैचों की टी20 सीरीज का पांचवां और आखिरी मुकाबला शनिवार को साउथेम्प्टन के द रोज बाउल मैदान पर खेला गया। भारतीय कप्तान श्रेयस अय्यर ने टॉस जीतकर पहले गेंदबाजी करने का फैसला किया और फिल साल्ट को जल्दी आउट कर टीम को शानदार शुरुआत भी दिलाई। लेकिन इसके बाद ऑलराउंडर शिवम दुबे द्वारा छोड़े गए एक आसान से कैच ने मैच का पूरा रुख पलट दिया और टीम इंडिया को भारी नुकसान झेलना पड़ा।
हैरी ब्रूक को मिला जीवनदान
इंग्लैंड की पारी के छठे ओवर में तेज गेंदबाज प्रिंस यादव की एक छोटी गेंद पर हैरी ब्रूक ने पुल शॉट खेलने का प्रयास किया। गेंद का टॉप एज लगा और हवा में बेहद आसान कैच उठा। इनफील्ड से पीछे की ओर भागे शिवम दुबे गेंद को ठीक से जज नहीं कर सके और उन्होंने ब्रूक का एक सीधा कैच टपका दिया। कैच छूटने के समय ब्रूक क्रीज पर नए थे। इस जीवनदान का फायदा उठाते हुए उन्होंने सिर्फ 46 गेंदों पर नाबाद 95 रनों की तूफानी पारी खेल डाली। इंग्लिश बल्लेबाज जोस बटलर ने भारतीय गेंदबाजों की धज्जियां उड़ाते हुए महज 64 गेंदों पर 131 रनों की ताबड़तोड़ शतकीय पारी खेली। बटलर और ब्रूक के बीच दूसरे विकेट के लिए 233 रनों की विशाल साझेदारी हुई, जिसकी बदौलत इंग्लैंड ने 20 ओवर में 257 रनों का पहाड़ जैसा स्कोर खड़ा किया। भारतीय टीम की खराब फील्डिंग यहीं नहीं रुकी। जब बटलर 90 रन पर खेल रहे थे, तब विकेटकीपर ईशान किशन ने भी उनका एक कैच ड्रॉप किया था।
258 रनों के विशाल लक्ष्य का पीछा करने उतरी भारतीय टीम ने आक्रामक शुरुआत की। ईशान किशन (56) और तिलक वर्मा (53) ने शानदार अर्धशतक जड़े, लेकिन टीम निर्धारित 20 ओवरों में 8 विकेट खोकर 201 रन ही बना सकी। इंग्लैंड ने यह मैच 56 रनों से जीतकर सीरीज पर 4-0 से कब्जा कर लिया (सीरीज का एक मैच बेनतीजा रहा था)। इस करारी हार के चलते भारतीय टीम को आईसीसी मेन्स टी20 रैंकिंग में भारी नुकसान हुआ है और वह नंबर-1 के पायदान से खिसककर नंबर-2 पर पहुंच गई है। “हम यह मुकाबला अपनी खराब फील्डिंग की वजह से हारे हैं। अगर हम वे कैच नहीं छोड़ते, तो इंग्लैंड को 220 रनों के आसपास रोका जा सकता था, जिसे हमारी बल्लेबाजी लाइनअप आसानी से चेज कर सकती थी।” श्रेयस अय्यर, कप्तान, भारतीय क्रिकेट टीम
























