भविष्य का रोडमैप: एआई आधारित स्वास्थ्य सेवाओं पर जोर
लखनऊ, संवाददाता: किंग जॉर्ज चिकित्सा विश्वविद्यालय का दीक्षांत समारोह सोमवार को आयोजित होने जा रहा है। इस वर्ष का समारोह महिला मेधावियों के नाम रहने वाला है, जिसमें डॉक्टर दीप्ति शर्मा और अभिलाषा घोष ने अपनी सफलता का परचम लहराया है। समारोह की अध्यक्षता राज्यपाल एवं कुलाधिपति आनंदीबेन पटेल करेंगी वही समारोह के मुख्य अतिथि केंद्रीय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह होंगे
मेधावियों की सूची में बेटियां आगे
डॉ. दीप्ति शर्मा: विश्वविद्यालय के दो सर्वोच्च सम्मान—हीवेट मेडल और चांसलर मेडल सहित कुल 12 गोल्ड, 2 सिल्वर और कुल 16 पदकों से नवाजा जाएगा। अभिलाषा घोष: 9 गोल्ड और 1 सिल्वर समेत कुल 13 पदक प्रदान किए जाएंगे। अनीकेत चंद्र सक्सेना: 3 गोल्ड, 1 सिल्वर और 1 ब्रॉन्ज मेडल से होंगे सम्मानित। कुल मेधावी: इस वर्ष 20 मेधावियों को कुल 54 पदक दिए जाएंगे (11 छात्र और 9 छात्राएं)। “दीक्षांत समारोह में कुल 1701 विद्यार्थियों को उपाधियां प्रदान की जाएंगी, जिनमें महिलाओं की हिस्सेदारी करीब 43 प्रतिशत (726 छात्राएं) है।” डॉ. सोनिया नित्यानंद, कुलपति (केजीएमयू)
प्रमुख विशिष्ट सम्मान
लाइफटाइम अचीवमेंट अवॉर्ड: डॉ. आरके गर्ग (पूर्व अध्यक्ष, न्यूरोलॉजी विभाग) मानद डी.एससी. उपाधि: डॉ. एम. श्रीनिवास (सदस्य, नीति आयोग) प्रख्यात शिक्षक सम्मान: प्रो. आरके गर्ग (प्रो. केबी भाटिया गोल्ड मेडल) सर्वश्रेष्ठ खिलाड़ी: निखिल वर्मा (बकले कप) और दिव्यांशी सिंह (सर्वश्रेष्ठ महिला खिलाड़ी) नर्सिंग वर्ग: साक्षी त्रिपाठी (पद्मश्री डॉ. सभ्यसाची सरकार स्वर्ण पदक)
समारोह में लॉन्च होने वाली नई पहलें
‘हृदय संजीवनी’ कार्यक्रम: स्कूल-कॉलेज के छात्रों के लिए बेसिक लाइफ सपोर्ट ट्रेनिंग, जिसे प्रदेश के सभी 75 जिलों में लागू किया जाएगा। चलित सीटी स्कैन सेवा: ट्रॉमा सेंटर में मरीजों को बेड पर ही जांच की सुविधा मिलेगी। केंद्रीय सूचना केंद्र: नए आधुनिक सेंट्रल इंफॉर्मेशन सेंटर का लोकार्पण। पुस्तक विमोचन: एम्स पटना के संस्थापक निदेशक डॉ. जीके सिंह की पुस्तक का विमोचन। विश्वविद्यालय प्रशासन ने केजीएमयू को ‘राष्ट्रीय महत्व के संस्थान’ का दर्जा दिलाने की पहल के साथ निम्नलिखित योजनाओं का खाका पेश किया: 500 बेड का नया अत्याधुनिक ट्रॉमा सेंटर। महिलाओं के लिए समर्पित विशेष स्वास्थ्य केंद्र। हार्ट एवं लंग ट्रांसप्लांट सेंटर की स्थापना। एआई एवं स्वास्थ्य केंद्र और डाटा विज्ञान केंद्र की शुरुआत।
























