‘एक पेड़ मां के नाम’ बनेगा अभियान का आधार
लखनऊ, संवाददाता: उत्तर प्रदेश में पर्यावरण संरक्षण की दिशा में आज एक ऐतिहासिक कदम उठाया जा रहा है। राज्य सरकार 12 जुलाई को एक ही दिन में 35 करोड़ पौधे लगाने का लक्ष्य लेकर ‘वृक्षारोपण महायज्ञ’ आयोजित कर रही है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ गोरखपुर के सहजनवा क्षेत्र में लिंक एक्सप्रेसवे के निकट पौधरोपण कर इस वृहद अभियान की शुरुआत करेंगे। वन मुख्यालय में आयोजित प्रेसवार्ता में पर्यावरण, वन, जन्तु उद्यान एवं जलवायु परिवर्तन विभाग के राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) अरुण कुमार सक्सेना ने इस महाअभियान की विस्तृत रूपरेखा साझा की।
इस वर्ष का पूरा अभियान ‘एक पेड़ मां के नाम’ थीम पर केंद्रित है, जहाँ सभी पौधे माताओं के सम्मान और उनकी स्मृति को समर्पित होंगे। इस अभियान को जन-जन से जोड़ने के लिए सरकारी कर्मचारियों, विद्यार्थियों, किसानों, स्वयंसेवी संस्थाओं, एनसीसी, एनएसएस, आईएमए, महिला एवं युवा संगठनों, व्यापार मंडलों और किसान उत्पादक संगठनों (FPO) को शामिल किया गया है। वन विभाग के साथ-साथ शासन के 26 अन्य सरकारी विभाग और आम जनता मिलकर इस अभियान को सफल बनाएंगे।
गांव से शहर और एक्सप्रेसवे के किनारों तक हरियाली
प्रदेश की प्रत्येक ग्राम पंचायत, नगर निकायों के सभी वार्ड, स्कूल, कॉलेज, अस्पताल, न्यायालय परिसर, रेलवे लाइन और हाईवे के किनारे पौधरोपण किया जाएगा। प्रदेश के सभी एक्सप्रेसवे के दोनों ओर खाली पड़ी भूमि पर लाखों पौधे लगेंगे। विशेष रूप से प्रयागराज से मेरठ तक बन रहे गंगा एक्सप्रेसवे के दोनों किनारों पर 500 हेक्टेयर क्षेत्र में करीब 5.5 लाख पौधे रोपे जाएंगे। रोपण के लिए पीपल, बरगद, पाकड़, गूलर, नीम, शीशम, आम, जामुन, महुआ, इमली, सहजन, गुलमोहर और जकरांडा जैसी जलवायु अनुकूल प्रजातियों को चुना गया है।
समृद्धि वन से औषधि वन तक की अनूठी पहल
सरकार इस अभियान के माध्यम से जैव विविधता और स्वास्थ्य सुरक्षा को बढ़ावा देने के लिए विशेष वनों का विकास कर रही है: इसके तहत समृद्धि वन, समरस वन, कपि वन, महर्षि चरक औषधि वन और ऊर्जा वन विकसित किए जाएंगे। मथुरा में 36 पौराणिक वनों के इको रेस्टोरेशन (पुनर्जीवन) का कार्य कराया जाएगा। गरीब और वंचित परिवारों के स्वास्थ्य को ध्यान में रखते हुए सहजन और आम के पौधों का विशेष रूप से वितरण और रोपण होगा।
“प्रदेश की 2,600 पौधशालाओं (नर्सरी) में 57.62 करोड़ उच्च गुणवत्ता वाले पौधे उपलब्ध हैं। पिछले नौ वर्षों में उत्तर प्रदेश का हरित आवरण 3.38 लाख एकड़ बढ़ा है। साथ ही, राज्य के वनों में कार्बन स्टॉक में 2.46 प्रतिशत की वृद्धि हुई है, जो राष्ट्रीय औसत (1.13 प्रतिशत) से दोगुनी से भी अधिक है।” — अरुण कुमार सक्सेना, वन एवं पर्यावरण राज्य मंत्री मुख्यमंत्री के अलावा दोनों उपमुख्यमंत्री, केंद्रीय मंत्री, राज्य सरकार के मंत्री, सांसद, विधायक, उच्च न्यायालय के न्यायाधीश और विभिन्न आयोगों के अध्यक्ष अलग-अलग जिलों में इस अभियान का नेतृत्व करेंगे।
























