नौकरी और सरकारी योजनाओं के नाम पर खुलवाए गए बैंक खाते
सीतापुर, संवाददाता : उत्तर प्रदेश के सीतापुर में ऑनलाइन साइबर ठगी से जुड़े एक बड़े अंतरराज्यीय नेटवर्क का खुलासा होने की ओर जांच बढ़ रही है। आरोप है कि नोएडा, उत्तराखंड और सीतापुर में संचालित अवैध कॉलिंग सेंटरों के माध्यम से लोगों से ऑनलाइन ठगी की गई और ठगी की रकम सीतापुर के भोले-भाले ग्रामीणों के बैंक खातों में ट्रांसफर कराई गई। इस मामले में जिले की क्राइम ब्रांच छह संदिग्धों को हिरासत में लेकर पूछताछ कर रही है।
खैराबाद और मछरेहटा क्षेत्र के गांवों (लड्डूपुर, रहीमाबाद, कुलियापहाड़पुर, मीनापुर और करीमनगर) में कुछ जालसाज महंगी गाड़ियों से पहुंचे। उन्होंने ग्रामीणों को नौकरी दिलाने और सरकारी योजनाओं का लाभ दिलाने का भरोसा दिया। ग्रामीणों से कई बार अंगूठे के निशान और जरूरी दस्तावेज लेकर उनके नाम पर बैंक खाते खुलवाए गए। मछरेहटा के पहाड़पुर निवासी सूरज सिंह, बृजेश और सुधीर राठौर जैसे ग्रामीणों का कहना है कि उन्हें यह जानकारी नहीं थी कि उनके खातों में कब और कैसे लाखों-करोड़ों की रकम का लेन-देन हो गया।
हाईटेक कॉलिंग सेंटरों से संचालित हो रहा था गिरोह
प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, नोएडा, उत्तराखंड और स्थानीय स्तर पर सक्रिय कॉलिंग सेंटरों से फेसबुक, इंस्टाग्राम और स्नैपचैट जैसे सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म के जरिए लोगों को निशाना बनाया जाता था। एक साधारण कमरे को कॉलिंग सेंटर में बदलकर युवाओं को लैपटॉप दिए गए थे। पूछताछ में सामने आया है कि स्थानीय युवाओं को अधिक वेतन का लालच देकर इस अवैध धंधे में शामिल किया गया।
इसमें रोटी गोदाम निवासी आयुष और कमलापुर निवासी अभिषेक कुमार सिंह का नाम मुख्य रूप से सामने आया है। कोतवाली नगर क्षेत्र के बैजनाथ कॉलोनी निवासी वंश पटेल ने पुलिस अधीक्षक अंकुर अग्रवाल से मामले की शिकायत की थी। वंश के अनुसार, अभिनव सिंह, अजीत, नितिन बंकर और आयुष यादव ने सरकारी योजनाओं का लाभ दिलाने के नाम पर उसका खाता लिया था, जिसमें बाद में संदिग्ध ट्रांजैक्शन होने लगे। मामला संदिग्ध पाए जाने पर एसपी के निर्देश के बाद कोतवाली नगर में दो अलग-अलग मुकदमे दर्ज कर जांच क्राइम ब्रांच को सौंपी गई है।
कड़ियां जोड़ने में जुटी पुलिस
पुलिस प्रशासन ने साफ किया है कि जिन ग्रामीणों के खातों में ठगी की रकम आई है, उन्हें भी जांच के दायरे में रखा गया है ताकि यह पता लगाया जा सके कि उनकी भूमिका केवल अनजाने में शिकार होने तक सीमित थी या वे भी इस सिंडिकेट का हिस्सा हैं। “ऑनलाइन ठगी से जुड़े इस मामले में कोतवाली नगर में दो अभियोग दर्ज किए गए हैं। पुलिस और क्राइम ब्रांच विभिन्न पहलुओं की गहनता से जांच कर रही है। जल्द ही इस पूरे नेटवर्क का खुलासा कर आरोपियों को जेल भेजा जाएगा।” कपूर कुमार, सीओ सिटी, सीतापुर























