बोले स्वामी गोविंदानंद, अविमुक्तेश्वरानंद पर हो एफआईआर
अयोध्या, संवाददाता : श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के अनुरोध पर मुख्यमंत्री कार्यालय द्वारा गठित विशेष जांच दल (एसआईटी) को अंतिम रिपोर्ट सौंपने के लिए निर्धारित 15 दिनों की अवधि सोमवार को समाप्त हो रही है। हालांकि, प्राथमिक जांच पूरी कर लखनऊ लौटने के बाद एसआईटी अब तक दोबारा अयोध्या नहीं पहुंची है। ऐसे में माना जा रहा है कि जांच पूरी करने के लिए टीम अतिरिक्त समय मांग सकती है।
सात जून को मामले से जुड़ी खबरें सामने आने के बाद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर तीन सदस्यीय एसआईटी का गठन किया गया था। टीम को एक सप्ताह में प्राथमिक जांच तथा 15 दिनों में अंतिम रिपोर्ट प्रस्तुत करने का निर्देश दिया गया था। एसआईटी ने 15 जून को अयोध्या पहुंचकर जांच शुरू की और 20 जून को प्राथमिक जांच पूरी कर लखनऊ लौट गई। इसके बाद 23 जून को अपर गृह सचिव संजय प्रसाद को प्रारंभिक रिपोर्ट सौंपी गई।
विपक्ष ने लगाए गंभीर आरोप
राम मंदिर में चढ़ावे, दान में मिले जेवरात और जमीन खरीद-फरोख्त को लेकर विपक्षी दल लगातार ट्रस्ट और सरकार पर सवाल उठा रहे हैं। आम आदमी पार्टी के राज्यसभा सांसद संजय सिंह, कांग्रेस नेता शरद शुक्ला तथा धर्मसेना के अध्यक्ष संतोष दुबे ने ट्रस्ट पदाधिकारियों के खिलाफ लिखित शिकायतें थाना राम जन्मभूमि में दी हैं। फिलहाल पुलिस एसआईटी जांच का हवाला देते हुए एफआईआर दर्ज करने से बच रही है।
इस बीच ट्रस्ट के ट्रस्टी कृष्ण मोहन की शिकायत पर आठ आरोपियों के खिलाफ पहले ही मुकदमा दर्ज किया जा चुका है। पुलिस अब वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देश के बाद अन्य शिकायतों को उसी मामले से जोड़ने या अलग मुकदमा दर्ज करने पर निर्णय ले सकती है।
आरोपी की गिरफ्तारी का वीडियो वायरल
चढ़ावा चोरी मामले के एक आरोपी अविनाश शुक्ला की गिरफ्तारी का कथित सीसीटीवी फुटेज रविवार को सोशल मीडिया पर वायरल हुआ। वीडियो में पुलिस आरोपी के घर पर छापेमारी करती और उसे हिरासत में लेकर एक निजी वाहन से ले जाती दिखाई दे रही है। फुटेज में एक पुलिसकर्मी के हाथ में काला बैग भी नजर आ रहा है, जिसमें कथित तौर पर बरामद नकदी होने का दावा किया जा रहा है। हालांकि, पुलिस की ओर से वीडियो की आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है।
स्वामी गोविंदानंद ने उठाए नए सवाल
राम मंदिर निर्माण और स्वर्णालय निर्माण के लिए जुटाए गए चंदे एवं सोना-चांदी को लेकर नया विवाद भी सामने आया है। प्रेसवार्ता में स्वामी गोविंदानंद सरस्वती ने स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती पर गंभीर आरोप लगाते हुए एसआईटी जांच और एफआईआर दर्ज करने की मांग की। उन्होंने दावा किया कि रामालय ट्रस्ट के माध्यम से देशभर से करोड़ों रुपये मूल्य की नकदी, सोना, चांदी और अन्य बहुमूल्य सामग्री एकत्र की गई थी, लेकिन उसका पूरा हिसाब सार्वजनिक नहीं किया गया। उन्होंने इस मामले की निष्पक्ष जांच कराने की मांग करते हुए कहा कि वह पहले भी इस संबंध में श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय को अवगत करा चुके हैं।























