विशेष आराधना करने से भक्तों को मिलता है कई गुना अधिक फल
नई दिल्ली, संवाददाता : साल 2026 का सावन का महीना भगवान शिव के भक्तों के लिए बेहद खास और ऐतिहासिक होने जा रहा है। ज्योतिषीय गणनाओं के अनुसार, इस बार सावन में कई ऐसे दुर्लभ संयोग बन रहे हैं जो दशकों बाद देखने को मिलते हैं। इस साल सावन का पवित्र महीना 30 जुलाई से शुरू होकर 28 अगस्त तक चलेगा, जिसमें पूरे महीने शिवालयों में रुद्राभिषेक और विशेष पूजा-अर्चना की धूम रहेगी।
क्यों खास है इस बार का सावन
इस बार सावन के महीने में कुल 4 सोमवार पड़ेंगे, जिनमें से 2 सोमवार विशेष महत्व के हैं। लेकिन सबसे बड़ा और दुर्लभ महासंयोग 17 अगस्त को बनने जा रहा है। इस दिन सावन सोमवार के साथ-साथ नाग पंचमी का महापर्व भी मनाया जाएगा। सामान्यतः ये दोनों तिथियां अलग-अलग होती हैं, लेकिन इस बार दोनों का एक साथ आना एक महासंयोग है। इससे पहले ऐसा दुर्लभ योग वर्ष 2003 में देखा गया था।
नाग पंचमी और सावन सोमवार का संयुक्त प्रभाव
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, इस महासंयोग के दिन शिव जी की विशेष आराधना करने से भक्तों को कई गुना अधिक फल मिलता है। इस दिन महादेव को श्रद्धापूर्वक बेलपत्र अर्पित करने से राहु-केतु से जुड़े दोषों में कमी आती है। यदि किसी की कुंडली में कालसर्प दोष या अन्य ग्रह बाधाएं हैं, तो इस दिन की शिव उपासना से नकारात्मक प्रभाव दूर होते हैं और जीवन में सुख-समृद्धि का संचार होता है। सिंह संक्रांति के साथ ‘छत्र भंग योग’ का निर्माण
17 अगस्त को ही सूर्य देव अपनी स्वराशि सिंह में प्रवेश करेंगे, जिसे सिंह संक्रांति कहा जाता है। सोमवार के दिन सूर्य का सिंह राशि में जाना ‘छत्र भंग योग’ का निर्माण करता है। ज्योतिष शास्त्र में इस योग को बड़े बदलावों का सूचक माना जाता है। विशेष रूप से शासन, प्रशासन और सत्ता से जुड़े क्षेत्रों में बड़े फेरबदल देखने को मिल सकते हैं। वहीं, व्यक्तिगत जीवन में यह योग आत्मविश्वास और नई सकारात्मक शुरुआत लेकर आएगा।
रोग, कर्ज और शत्रु बाधा से मुक्ति के 4 अचूक उपाय अगर आप लंबे समय से बीमारी, कर्ज या शत्रुओं से परेशान हैं, तो सावन की नाग पंचमी (17 अगस्त) के दिन ये 4 उपाय अवश्य करें: पहला उपाय यह है कि नाग पंचमी के दिन भगवान शिव के तांडव स्तोत्र का श्रद्धा और एकाग्रता के साथ पाठ करें। इसे नकारात्मक ऊर्जा दूर करने वाला माना जाता है। दूसरा उपाय यह है कि पूजा के दौरान शिवलिंग पर सुगंधित इत्र अर्पित करें। धार्मिक मान्यता है कि इससे भगवान शिव शीघ्र प्रसन्न होते हैं। तीसरा उपाय यह है कि महादेव को सफेद रंग की मिठाई, जैसे पेड़ा या बर्फी का भोग अर्पित करें। इसे सुख-समृद्धि और मानसिक शांति का प्रतीक माना जाता है। चौथा उपाय यह है कि नाग पंचमी के दिन शिवलिंग पर काले तिल अर्पित करें। मान्यता है कि इससे ग्रह दोष शांत होते हैं और रोग, कर्ज एवं शत्रु संबंधी परेशानियों से राहत मिलने की संभावना बढ़ती है।
























