करोड़ों की हेराफेरी का हुआ खुलासा
अयोध्या, संवाददाता : अयोध्या के भव्य राम मंदिर में चढ़ावे और दान राशि में बड़ी हेराफेरी का सनसनीखेज मामला सामने आया है। एसआईटी की प्राथमिक जाँच रिपोर्ट आने के बाद पुलिस और प्रशासन ने बड़ी कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है। राम जन्मभूमि ट्रस्ट के सदस्य श्रीकृष्ण मोहन की तहरीर पर राम जन्मभूमि कोतवाली में आठ मुख्य आरोपियों के खिलाफ नामजद एफआईआर (FIR) दर्ज कर उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया है। आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की धारा 306, 316, 317, 317(4), 317(5), 61, 3(5) और भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत गंभीर मुकदमे दर्ज किए गए हैं।
दान कक्ष से लेकर बैंक तक फैला था नेटवर्क
जाँच में सामने आया है कि गिरफ्तार किए गए ज़्यादातर आरोपी मंदिर में दान राशि की गिनती, सुरक्षा और वित्तीय कामकाज की देखरेख से जुड़े हुए थे। आरोपियों ने कथित तौर पर दानपात्रों से करोड़ों रुपये उड़ाए और अयोध्या व आसपास के इलाकों में अकूत बेनामी संपत्ति खड़ी कर ली।
आरोपियों की मंदिर में क्या थी भूमिका
अयोध्या राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले में गिरफ्तार किए गए सभी आठ आरोपियों की मंदिर परिसर के भीतर अलग-अलग और महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां थीं, जिनका फायदा उठाकर उन्होंने इस वित्तीय गड़बड़ी को अंजाम दिया। मामले का मुख्य आरोपी रमाशंकर यादव उर्फ टिन्नू यादव है, जो राम मंदिर ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय का ड्राइवर और बेहद करीबी है; इसके पास दानपात्रों की देखरेख और उन्हें सुरक्षित बेसमेंट तक पहुँचाने का जिम्मा था, जिसका फायदा उठाकर उसने करोड़ों रुपये की चोरी की। इस पूरे खेल में कैश काउंटिंग स्टाफ के प्रभारी (इनचार्ज) सुभाष चंद्र श्रीवास्तव ने जानबूझकर अपनी निगरानी में ढील दी और खुद भी इस चोरी में शामिल रहा।

पैसे गिनने वाली टीम के सदस्यों में शामिल लवकुश मिश्रा के घर से पुलिस छापेमारी में 12 लाख रुपये कैश बरामद हुए, जबकि इसी टीम के एक अन्य सदस्य मनीष यादव के पास से 36 लाख रुपये की नगदी मिली। टीम के एक और सदस्य अनुकल्प मिश्रा पर आरोप है कि वह गणना कक्ष से पैसे चुराकर बाथरूम में छिपा देता था और बाद में उन्हें बाहर ले जाता था।इसके अलावा, करुणेश पांडेय, अविनाश शुक्ला और रमाशंकर मिश्रा पर दानपात्र से राशि को सुरक्षित तरीके से गणना कक्ष तक लाने, उसकी निगरानी करने और गिनती में शामिल रहने की जिम्मेदारी थी। इन तीनों ने इस सुरक्षा व्यवस्था में मिलीभगत और वित्तीय गड़बड़ी की, जिसमें से करुणेश पांडेय और रमाशंकर मिश्रा ने चोरी के इन पैसों से अयोध्या और आसपास के क्षेत्रों में जमीनों और अन्य संपत्तियों में भारी निवेश किया।
पुलिस और एसआईटी अब इन सभी आरोपियों की संपत्तियों को खंगाल रही है, ताकि यह पता लगाया जा सके कि मंदिर के चढ़ावे से और कहाँ-कहाँ निवेश किया गया था। इस मामले में कुछ और बड़े चेहरों से भी पूछताछ हो सकती है।





















