मेटल डिटेक्टर और शारीरिक जांच के दौरान सुरक्षाकर्मियों को हुआ संदेह
वाराणसी, संवाददाता : देशभर में हाल ही में हुए पेपर लीक विवाद के बाद 21 जून को आयोजित की गई री-NEET-UG परीक्षा के दौरान वाराणसी से एक हैरान करने वाला मामला सामने आया है। परीक्षा केंद्रों पर बरती जा रही अत्यधिक कड़ाई और सुरक्षा जांच के दौरान वाराणसी के मैदागिन स्थित श्री हरिश्चंद्र पीजी कॉलेज परीक्षा केंद्र पर एक संदिग्ध अभ्यर्थी को रंगे हाथों पकड़ा गया। इस छात्र ने परीक्षा में नकल करने के इरादे से अपने अंडरगारमेंट्स के भीतर मोबाइल, सिम कार्ड, पुराना नीट प्रश्नपत्र और ग्लू छिपा रखा था, जिसे गहन चेकिंग के दौरान सुरक्षाकर्मियों ने बरामद कर लिया। आरोपी छात्र को हिरासत में लेकर पुलिस को सौंप दिया गया है।
चेकिंग के दौरान खुला राज
समाचार एजेंसी पीटीआई के अनुसार, हरिश्चंद्र परास्नातक महाविद्यालय परीक्षा केंद्र में प्रवेश से ठीक पहले मुख्य द्वार पर मेटल डिटेक्टर और शारीरिक जांच के दौरान सुरक्षाकर्मियों को इस छात्र पर संदेह हुआ। जब उसकी अलग से गहन तलाशी ली गई, तो उसके अंडरगारमेंट्स से आपत्तिजनक सामग्रियां बरामद हुईं। पकड़े गए छात्र की पहचान उत्तर प्रदेश के बलिया जिले के निवासी प्रिंस दुबे के रूप में हुई है।
प्रारंभिक पूछताछ में आरोपी प्रिंस दुबे ने पुलिस को बताया कि वह मध्य प्रदेश के जबलपुर में रहकर मेडिकल प्रवेश परीक्षा की तैयारी कर रहा था और इस री-नीट परीक्षा को देने के लिए विशेष रूप से वाराणसी आया था। पुलिस ने छात्र के पास से जब्त की गई सभी वस्तुओं को अपने कब्जे में ले लिया है और कड़ाई से पूछताछ करते हुए इस बात का पता लगाने में जुटी है कि इस नकल गिरोह के पीछे और कौन से लोग शामिल हैं।
22 लाख से अधिक अभ्यर्थियों ने दी परीक्षा
इस बार राष्ट्रीय पात्रता सह प्रवेश परीक्षा के दोबारा आयोजन में देशभर से कुल 22 लाख से अधिक छात्र-छात्राएं शामिल हुए। पिछले विवादों से सबक लेते हुए नेशनल टेस्टिंग एजेंसी ने परीक्षा प्रक्रिया में किसी भी तरह की गड़बड़ी या धांधली को रोकने के लिए त्रिस्तरीय निगरानी व्यवस्था तैयार की थी। परीक्षा केंद्रों में प्रवेश से पहले सभी अभ्यर्थियों का गहन डिजिटल और बायोमेट्रिक सत्यापन किया गया, साथ ही सभी एग्जाम सेंटर्स पर सीसीटीवी कैमरे लगाकर उनकी लाइव मॉनिटरिंग कंट्रोल रूम से की जा रही थी।
सुरक्षा व्यवस्था को परखने के लिए परीक्षा से ठीक एक दिन पहले 20 जून को देशभर के केंद्रों पर मॉक ड्रिल भी आयोजित की गई थी। इसके अतिरिक्त, नेशनल टेस्टिंग एजेंसी ने इस बार प्रश्नपत्रों की सुरक्षा और गोपनीयता बनाए रखने के लिए पहली बार भारतीय वायुसेना की मदद ली थी। एयरफोर्स के विशेष हेलिकॉप्टरों और विमानों की मदद से परीक्षा के गोपनीय प्रश्नपत्रों को देश के विभिन्न संवेदनशील स्ट्रॉन्ग रूम और परीक्षा केंद्रों तक पूरी सुरक्षा के साथ पहुंचाया गया था, ताकि लीक की गुंजाइश को पूरी तरह खत्म किया जा सके।





















