संवाददाता, लखनऊ 2001 बैच के आईपीएस अधिकारी तरूण गाबा ने बुधवार को राजधानी लखनऊ के नए पुलिस कमिश्नर का चार्ज संभाल लिया। उन्होंने अमरेन्द्र कुमार सेंगर से कार्यभार ग्रहण कर लिया। तरूण गाबा ने पत्रकार वार्ता में कहा कि पुलिस घटनास्थल पर तत्काल पहुंचे और पब्लिक से शालीन व्यवहार पर जोर दे। तरूण गाबा ने अत्याधुनिक उपकरणों के सहारे अपराध करने वाले साइबर अपराधियों से निपटने के लिए खुली जंग का एलान किया। उन्होंने कहा कि लुटेरे, डकैत, और साइबर अपराध करने वाले लोग अपनी तकनीक के सहारे लोगों की गाढ़ी कमाई लूटने का काम करते हैं। उन्होंने साफ कहा कि हम ऐसे लोगों पर सख़्ती से कार्रवाई होगी।
उन्होंने कहा कि शासन ने उनपर विश्वास जताते हुए उन्हें महत्वपूर्ण जिम्मेदारी सौंपी है, जिस पर खरा उतरने की हर कोशिश होगी।उन्होंने कहा कि महिलाओं एवं लड़कियों की सुरक्षा, यातायात व्यवस्था को पटरी पर लाना और तरह-तरह की अत्याधुनिक उपकरणों को अपनाकर संगीन घटनाओं को अंजाम देने वाले अपराधियों से निपटने के लिए उनकी अहम प्राथमिकता होगी। आगे कहा कि सोशल मीडिया पर भ्रामक प्रचार प्रसार करने वालों पर पैनी नजर रखी जाएगी। उन्होंने कहा कि जिन-जिन लोगों को साइबर अपराधियों ने निशाना बनाकर उनकी गाढ़ी कमाई लूटी है उसे जल्द ही दिलाने की कोशिश की जाएगी।
15 पुलिस अधिकारियों के भी कार्यक्षेत्र में बदलावः
तरुण गाबा ने 15 पुलिस अधिकारियों के कार्यक्षेत्र में भी पहले ही दिन बदलाव करके संदेश दिया कि आगे भी और बदलाव देखने को मिलेंगे।
कार्यकाल पर एक नजर
मूलतः चंडीगढ़ के निवासी तरूण गाबा सीबीआई से लेकर महाकुंभ तक की जिम्मेदारी संभाल चुके हैं।अभी तक वह एडीजी सुरक्षा के पद पर कार्यरत थे। तरूण गाबा पंजाब इंजीनियरिंग कॉलेज से इलेक्ट्रॉनिक्स एवं इलेक्ट्रिकल कम्यूनिकेशन में बीई की डिग्री ली है। इसके बाद उन्होंने उस्मानिया विश्वविद्यालय से पुलिस मैनेजमेंट में एमडीपीएम, साइबर लॉ में पीजी और अमेरिका के एक कॉलेज के पब्लिक पॉलिसी में एडवांस मैनेजमेंट कोर्स किया।उन्होंने कहा कि अपने अबतक के कैरियर में जिलों की भी कमान संभाल चुके हैं। बताया जा रहा है कि सीबीआई में डीआईजी के पद तैनाती के दौरान बहुचर्चित घोटाले से लेकर डेरा सच्चा जैसे मामले की गहनता से जांच पड़ताल कर अहम भूमिका निभाई थी।यह तो महज बानगी भर है आईपीएस अधिकारी तरूण गाबा प्रयागराज में बतौर आईजी रेंज रहते हुए उन्होंने देश के सबसे बड़े अध्यात्मिक मेला महाकुंभ की सुरक्षा को लेकर बहुत बड़ा रोल अदा किया था, जिसे लेकर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने महाकुंभ सेवा 2025 से नवाजा था इसके अलावा भी उन्हें कई पुरस्कारों से सम्मानित किया जा चुका है।



















