शिक्षा को जनआंदोलन बनाने का किया आह्वान
लखनऊ, संवाददाता : उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रदेश के छात्रों, अभिभावकों और शिक्षकों के नाम एक भावनात्मक पाती लिखते हुए 1 जुलाई से शुरू होने वाले ‘स्कूल चलो अभियान’ के दूसरे चरण को जनभागीदारी का अभियान बनाने की अपील की है। उन्होंने कहा कि 15 जुलाई तक चलने वाले इस अभियान का उद्देश्य कक्षा 1 से 12 तक शत-प्रतिशत नामांकन सुनिश्चित करना, स्कूल छोड़ चुके बच्चों को दोबारा शिक्षा से जोड़ना और नए शैक्षणिक सत्र में प्रवेश प्रक्रिया को गति देना है।
मुख्यमंत्री ने अपने संदेश में कहा कि शिक्षा ही जीवन की सबसे अनमोल संपत्ति है और विद्यालय बच्चों के ज्ञान, संस्कार, चरित्र तथा व्यक्तित्व निर्माण का सबसे महत्वपूर्ण केंद्र हैं। उन्होंने आधुनिक विद्यालयों को प्राचीन गुरुकुल परंपरा का आधुनिक स्वरूप बताते हुए कहा कि यहां पुस्तकीय ज्ञान के साथ अनुशासन, संस्कार और राष्ट्र निर्माण की भावना भी विकसित होती है। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार शिक्षा व्यवस्था को मजबूत बनाने के लिए प्रोजेक्ट अलंकार, ऑपरेशन कायाकल्प, मिशन प्रेरणा, कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय योजना और मिशन निपुण जैसी योजनाएं संचालित कर रही है। साथ ही विद्यालयों में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, बेहतर आधारभूत सुविधाएं और बच्चों के लिए पौष्टिक गर्म भोजन की व्यवस्था भी सुनिश्चित की गई है।
शिक्षकों से की विशेष अपील
मुख्यमंत्री ने शिक्षकों से कहा कि वे यह सुनिश्चित करें कि बच्चे विद्यालय को केवल दैनिक दिनचर्या का हिस्सा न समझें, बल्कि उत्साह और रुचि के साथ स्कूल आएं। उन्होंने कहा कि खेल-कूद और अन्य रचनात्मक गतिविधियां बच्चों की विद्यालय में रुचि बढ़ाने का प्रभावी माध्यम बन सकती हैं।
अभिभावकों को दिया महत्वपूर्ण संदेश
अभिभावकों से सीएम योगी ने अपील की कि वे अपने बच्चों का मूल्यांकन केवल परीक्षा के अंकों से नहीं, बल्कि उनके प्रयास, हौसले और लगन के आधार पर करें। उन्होंने कहा कि बच्चों की नियमित विद्यालय उपस्थिति सुनिश्चित करना माता-पिता की जिम्मेदारी है। साथ ही 3 से 6 वर्ष आयु के बच्चों को ‘बाल वाटिका’ से जोड़ने का भी आग्रह किया। मुख्यमंत्री ने प्रदेशवासियों से अपील करते हुए कहा कि ‘स्कूल चलो अभियान’ को केवल सरकारी कार्यक्रम न मानें, बल्कि इसे जनआंदोलन का रूप दें। यदि आसपास कोई बच्चा शिक्षा से वंचित है तो उसे विद्यालय तक पहुंचाने में सहयोग करें। उन्होंने विश्वास जताया कि उत्तर प्रदेश का भविष्य तभी उज्ज्वल होगा, जब प्रत्येक बच्चा शिक्षा से जुड़कर अपने सपनों को साकार करेगा।























